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Year Ender 2020: साल 2020 में दुनियाभर में आए इतने भूकंप, इस स्थान पर सबसे ज्यादा कांपी धरती

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 December 2020, 13:55 IST

साल 2020 के अब तक का सबसे खराब साल माना जा रहा है, क्योंकि इस साल दुनिया में कोरोना (Corona) ने हाहाकार मचाया तो पूरी दुनिया की रफ्तार थम गई. कोरोना के अलावा भी इस साल दुनियाभर में ऐसी तमाम घटनाएं हुईं जो शायद ही कभी हुई हों. आज हम आपको इन्हीं घटनाओं में से एक भूकंप के बारे में बताने जा रहे हैं कि दुनियाभर में इस साल कितने और कहां सबसे अधिक भूकंप आए और धरती कांपी. भले ही साल 2020 अब तक का सबसे खराब साल रहा हो लेकिन अगले साल यानी 2021 के अच्छे से गुजरने की लोग कामना कर रहे हैं. इस साल कोरोना के अलावा बाढ़ और भूंकप ने भी लोगों की जिंदगी में तमाम मुसीबतें पैदा की हैं.

उत्तर भारत में लोग उस समय बुरी तरह से घबरा गए जब दिल्ली-एनसीआर में बीते गुरुवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में इस साल कई भूकंप के झटके महसूस किए गए. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस साल मात्र तीन महीनों के अंदर एक ही स्थान पर 30 हजार से अधिक भूकंप आए और धरती कांप गई. बता दें कि पृथ्वी को सात महाद्वीपों में बांटा गया है. इन्हीं में से एक महाद्वीप पर 30 हजार बार भूकंप आया और वह भी मात्र तीन महीनों के अंदर. बता दें कि इस साल तीन महीनों के अंदर पृथ्वी के सबसे बर्फीले महाद्वीप अंटार्कटिका (Antarctica) पर भूकंप के 30 हजार झटके झेले गये. यूनिवर्सिटी ऑफ चिली (University of Chile ) के भूगर्भ वैज्ञानिकों के एक दावे के मुताबिक, इस साल अंटार्कटिका पर तीन महीने में 30,000 से ज्यादा भूकंप आए.


ये भूकंप अगस्त महीने के बाद आए हैं. चिली के भूगर्भ वैज्ञानिकों द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक इस महाद्वीप पर इस साल अगस्त महीने के अंत से लेकर दिसंबर तक हजारों बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसमें से कई भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल (Richter scale) पर 6 मापी गई है, लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है, यहां क्यों इतने भूकंप आते हैं? चिली (Chile) के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में इन्हीं सवालों का जवाब खोजने की कोशिश की है.

अगर पूरी दुनिया की बात करें कि दुनियाभर में कितने भूकंप आए तो बता दें कि इस साल यानी 2020 में 7 और उससे अधिक की तीव्रता के आठ भूकंप आए. वहीं 110 भूकंपों की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 6.0 से 7.0 के बीच मापी गई. वहीं पूरी दुनिया में 1,643 भूकंपों की तीव्रता 5.0 से 6.0 रिएक्टर स्केल रही. इसके अलावा 12,352 भूकंपों की तीव्रता 4.0 से 5.0 और 37,690 भूकंपों की तीव्रता 3.0 से 4.0 रिएक्टर स्केल रही हैं. यही नहीं 82,562 भूकंप 2.0 से 3.0 रिएक्टर स्केल के आए. वहीं दो लाख 2009 भूकंपों की तीव्रता 2.0 रिएक्टर स्केल से भी कम थी इसलिए लोग इन्हें महसूस नहीं कर पाए.

इस तरह कुल मिलाकर इस साल पूरी दुनिया में तीन लाख 36 हजार 373 भूकंप के छटके महसूस किये गए. जिनमें सबसे खतरनाक भूकंप अमेरिका के अलास्का में 22 जुलाई 2020 को महसूस किया गया. जिसकी तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.8 थी. जो स्थानीय समयानुसार 6:12 बजे आया. इसके अलावा 21 दिसंबर 2020 की सुबह तीन बजकर 23 मिनट पर जापान के ओमोरी ने 6.3 रिएक्टर स्केल का भूकंप दर्ज किया गया. ये सभी आंकड़े आज यानी 21 दिसंबर 2020 की दोपहर तक के हैं जिन्हें वोल्केनो डिस्कवरी ने अपनी वेबसाइट पर जारी किया है.

चिली के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि अब तक सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप अंटार्कटिका के ब्रैन्सफील्ड स्ट्रेट (Bransfield Strait) में दर्ज किया गया है. इस भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई थी. बता दें कि साउथ शेटलैंड आइलैंड्स और अंटार्कटिक प्रायद्वीप के बीच मौजूद 96 किलोमीटर चौड़ी समुद्री खाड़ी को ब्रैन्सफील्ड स्ट्रेट कहा जाता है. खबरों के मुताबिक, अंटार्कटिका में कई माइक्रोप्लेट्स और टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं, इस टकराव से घर्षण पैदा होता है जिस वजह से यहां इतने भूकंप आ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट में छपी स्टडी के मुताबिक कुछ सर्दियों पहले ब्रैन्सफील्ड स्ट्रेट के फैलाव की गति हर साल 7 से 8 मिलीमीटर थी लेकिन अब ये हर साल 6 इंच यानी 15 सेंटीमीटर की गति से फैल रहा है.

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First published: 21 December 2020, 13:55 IST
 
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