Home » इंडिया » Yellow Fungus Case Revealed First time in the country, More Dangerous Than Black and White Fungus
 

देश में पहली बार इंसानों में मिला येलो फंगस का मामला, ब्लैक और व्हाइट फंगस से है ज्यादा खतरनाक

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2021, 16:28 IST

देश में ब्लैक फंगस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है लेकिन पहली बार इंसानों येलो फंगस का मामला सामने आया है. येलो फंगस अक्सर रेप्टाइल्स में पाया जाता है. ANI के अनुसार गाज़ियाबाद के इएनटी स्पेशलिस्ट डॉ बी.पी. त्यागी ने बताया कि कल संजय नगर से मेरे पास एक मरीज आया. एंडोस्कोपी टेस्ट में पता चला की उसे ब्लैक, व्हाइट और येलो फंगस है. येलो फंगस रेप्टाइल्स में पाया जाता है, पहली बार मैंने इसे इंसानों में देखा है. ऐसे मामलों के बारे में अभी बहुत कुछ उपलब्ध नहीं है, डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ब्लैक और वाइट फंगस की तुलना में येलो फंगस अधिक खतरनाक हो सकता है.

विशेषज्ञों का सुझाव है कि येलो फंगस संक्रमण, दो अन्य संक्रमणों के विपरीत, शरीर के आंतरिक अंगों को प्रभावित करने के तरीके के कारण बहुत अधिक डरावना हो सकता है. येलो फंगस आंतरिक रूप से शुरू होता है, मवाद के रिसाव का कारण बनता है. घाव आसानी से सही नहीं होते हैं. यह ऑर्गन फेल्योर जैसे लक्षण भी पैदा कर सकता है.


येलो फंगस के लक्षणों को सुस्ती, वजन कम होना, भूख कम लगना या बिल्कुल भी भूख न लगना बताया जाता है. इसके बाद फंगस के अधिक गंभीर लक्षण मवाद का रिसाव भी हो सकते हैं. यह कथित तौर पर घावों की उपचार प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है और इसे धीमा कर देता है. इसके परिणामस्वरूप धँसी हुई आँखें और ऑर्गन्स फेल हो जाते हैं.

ब्लैक फंगस के 5,424 मामले 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज कहा '''आज सुबह तक 18 राज्यों में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के 5,424 मामले दर्ज किए गए हैं. गुजरात में 2,165, महाराष्ट्र में 1,188, उत्तर प्रदेश में 663, मध्य प्रदेश में 519, हरियाणा में 339, आंध्र प्रदेश में 248 मामले दर्ज किए गए हैं. 5,424 मामलों में से 4,556 मामलों में पहले कोविड संक्रमण था और 55% मरीज़ों को डायबिटीज था.''

ANI के अनुसार एमडी LNJP डॉ. सुरेश कुमार ने बताया ''ब्लैक फंगस खतरनाक फंगस है जो कि उनमें होता है जिनकी इम्यूनिटी कमज़ोर होती है या जो डायबिटीज़ के मरीज़ हैं. स्टिरॉयड से ब्लड शुगर बढ़ता है और ब्लड शुगर बढ़ने से ये फंगस हवा में होता है और सांस के माध्यम से अंदर चला जाता है.

उन्होंने कहा ये आगे जाकर फेफड़े और पूरे शरीर में फैल जाता है, किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है. कई बार इतनी तेजी से फैलता है कि मरीज़ की मौत हो जाती है. इससे बचाव के लिए ब्लड शुगर नियंत्रित रखें, स्टिरॉयड बिना डॉक्टर की सलाह के न लें, मास्क हमेशा साफ करें और ड्राई ऑक्सीजन न लें.''

हमने ब्लैक फंगस के लिए अपने सेंटर बना दिए हैं लेकिन दवाई नहीं है तो इलाज कैसे करें? दिल्ली को रोज़ 2000 इंजेक्शन चाहिए लेकिन हमें 400-500 इंजेक्शन मिल रहे हैं। दिल्ली में ब्लैक फंगस के क़रीब 500 मरीज़ हैं.

Black fungus: 18 राज्यों में ब्लैक फंगस के 5,424 मामले, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया- किस राज्य में कितने केस

First published: 24 May 2021, 16:25 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी