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योग के भागीरथ हैं नरेंद्र मोदी, दुनियाभर में दिलाई 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को पहचान

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2019, 15:37 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ में योग दिवस को मान्यता देने के लिए भाषण दिया था. संयुक्त राष्ट्र ने इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी और 177 देशों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया था. संयुक्त राष्ट्र ने साल 2015 में आधिकारिक तौर पर 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के तौर पर मनाए जाने की घोषणा की थी.

वर्तमान में दुनिया भर में योग करने वालों की संख्या 30 करोड़ से ज्यादा है. यह आबादी रूस की कुल आबादी से दोगुनी है. भारत में 10 करोड़ लोग योग करते हैं. करीब 20 करोड़ से ज्यादा लोग भारत के अलावा दुनियाभर में नियमित तौर पर योग करते हैं.

 

योग का इतिहास

योग की उत्पत्ति भारत और नेपाल में मानी जाती है. यह एक आध्यात्मिक प्रकिया है. शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाना ही योग है. योग शब्द, प्रक्रिया और धारणा हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में ध्यान प्रक्रिया से संबंधित है. योग शब्द भारत से बौद्ध धर्म के साथ चीन, जापान, तिब्बत, श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया में फैला. इसके बाद पूरी दुनिया में आज योग प्रचलित हो गया.

भगवतगीता में योग शब्द का कई बार प्रयोग हुआ है. जैसे बुद्धियोग, सन्यासयोग, कर्मयोग. वेदोत्तर काल में भक्तियोग और हठयोग नाम भी प्रचलित हुए. पतंजलि योगदर्शन में क्रियायोग शब्द देखने को मिलता है. पाशुपत योग और माहेश्वर योग जैसे शब्दों के प्रसंग भी मिलते है.

 

वर्तमान में 84 प्रकार के आसन

वर्तमान में 84 प्रकार के आसन अस्तित्व में हैं. योग में आठ स्टेप होते हैं. यह हैं- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्यहारा, धारण, ध्यान और समाधि. 500-800 ईसा पूर्व के दौरान भारत में सबसे ज्यादा योग का प्रसार हुआ.

योग गुरू

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया के सबसे पुराने योग शिक्षक के तौर पर ग्लेडीज मोरिस का नाम दर्ज हैं. उनकी मृत्यु साल 2011 में हुई. गिनीज बुक में खुद के होने की जानकारी उन्हें नहीं थी लेकिन उन्होंने 50 सालों तक योग किया. गिनीज ने बेट कैलमैन को दुनिया का सबसे उम्रदराज योग शिक्षक बनाया. उनकी उम्र 85 साल थी.

 

भारत के योग गुरु बीकेएस अयंगर

बीकेएस अयंगर को विश्व के अग्रणी योग गुरुओं में शुमार किया जाता है. उन्होंने योग के दर्शन पर कई किताबें लिखीं. जिनमें 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्राज ऑफ पतंजलि' शामिल हैं. उनका जन्‍म 14 दिसम्‍बर 1918 को बेल्‍लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था.

अयंगर बचपन में काफी बीमार रहते थे. ठीक नहीं होने पर उन्‍हें किसी ने योग करने की सलाह दी. इसके बाद वह योग करने लगे. अयंगर को 'अयंगर योग' का जन्‍मदाता कहा जाता है. इस योग को उन्होंने देश-दुनिया में फैलाया. सांस की तकलीफ के चलते 20 अगस्त 2014 को उनका निधन हो गया.

योग के लाभ

व्यस्त जीवन शैली के कारण लोग संतोष पाने के लिए योग करते हैं. योग से व्यक्ति का तनाव दूर होता है और मन-मस्तिष्क को शांति मिलती है. योग हमारे दिमाग, मस्‍तिष्‍क को ताकत पहुंचाता है और हमारी आत्‍मा को शुद्ध करता है. मोटापे से परेशान लोगों के लिए योग बहुत ही फायदेमंद है.

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First published: 13 June 2019, 14:10 IST
 
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