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योगी सरकार ने लिया यू-टर्न, 17 OBC जातियों को SC वर्ग में शामिल करने का फैसला वापस

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 November 2019, 19:10 IST

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने एक बड़े फैसले पर यू-टर्न ले लिया है. योगी सरकार ने 17 OBC जातियों को अनुसूचित जाति मेंं शामिल करने के फैसले को वापस ले लिया है. योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसी साल जून महीने में अति पिछड़ा वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने का फैसला लिया था.

योगी सरकार के फैसले के तहत 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल कर दिया गया था. इन 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने के पीछे सरकार का तर्क था कि ये जातियां सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी पिछड़ी हुई हैं. इसके बाद इन 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र दिया जाना था. 

योगी सरकार ने इसके लिए जिला अधिकारियों को इन 17 जातियों के परिवारों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया था. बीती 24 जून को यह आदेश जारी किया गया था.

इसके बाद सितंबर महीने में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इन 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने के योगी सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले को पहली नजर में गलत माना था और समाज कल्याण प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था.

दरअसल, एक सामाजिक कार्यकर्ता गोरख प्रसाद ने योगी सरकार के इस फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. गोरख प्रसाद ने योगी सरकार के इस आदेश को अवैध ठहराया था. इस पर जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस राजीव मिश्र की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की. इसके बाद कोर्ट ने फौरी तौर पर माना कि सरकार का फैसला गलत है. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को इस तरह का फैसला लेने का अधिकार नहीं है. हाईकोर्ट ने कहा कि संसद ही ऐसा फैसला ले सकती है और एससी-एसटी की जातियों में बदलाव कर सकती है. हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकारों को इसका संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है. 

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First published: 1 November 2019, 19:10 IST
 
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