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जाकिर नाइक: मोदी सरकार मुस्लिम विरोधी है

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 November 2016, 14:14 IST
(एजेंसी)

इस्लाम के विवादित प्रचारक जाकिर नाइक ने केंद्र सरकार के द्वारा अपने एनजीओ को बैन किये जाने पर बयान जारी किया है. नाइक ने इस संबंध में बयान जारी करके न सिर्फ कई दावे किए हैं, बल्कि केंद्र सरकार और देश की मीडिया को भी निशाने पर लिया है.

नाइक ने अपने बयान में दावा किया है कि उनके बैन किए गए एनजीओ द्वारा किसी भी कोष का कोई दुरुपयोग नहीं किया गया है और उन्होंने आतंक संबंधी क्रियाकलापों में संलिप्तता के सभी आरोपों को खारिज किया.

जाकिर नाइक ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, "मुझे लगता नहीं बल्कि ये है कि केंद्र सरकार एंटी मुस्लिम है. आईआरएफ पर बैन लगाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जबकि राजेश्वर सिंह, योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्राची जैसे लोग अब भी उनके अंडर है और ये सवाल मुझसे नहीं, जनता से पूछे जाने चाहिए."

नाइक ने कहा, "मीडिया ने बार-बार दिखाया कि मैं मलेशिया में बैन हूं और अब पासपोर्ट की बात कर रहे हैं. मैं ना तो मलेशिया में बैन हूं और ना ही वहां का नागरिक हूं. आईआरएफ को सभी पैसे जकात के मिलते हैं."

नाइक इस समय विदेश में रह रहे हैं और अपने भारत वापसी को लेकर कोई जानकारी नहीं दी. इस मामले में 51 साल के नाइक ने कहा कि उन्होंने एनआईए को सहयोग का बार बार प्रस्ताव दिया है.

नाइक के खिलाफ आतंक रोधी कानून यूएपीए के तहत और घृणा फैलाने वाला भाषण देने का मामला दर्ज हुआ है. अपने भाषणों के जरिये ढाका के कुछ हमलावरों को प्रेरित करने के आरोप झेल रहे नाइक ने कहा कि जिस क्षण कोई हिंसा करता है, वह इस्लामी नहीं रहता है और उनका समर्थन खो देता है.

नाइक ने समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से ईमेल इंटरव्यू में कहा, "यह कहना गलत है कि आतंकी समूहों में शामिल होने वाले कुछ बदमाश मुझसे प्रभावित थे. इसलिए अगर मैं सच में आतंक फैला रहा होता तो अब तक कई लाख आतंकवादी बन गये होते? केवल कुछ नहीं."

उन्होंने कहा, "लाखों अनुयायियों में कुछ असामाजिक हो सकते हैं जो दूसरे रास्ते पर जाकर हिंसा करेंगे, लेकिन वे निश्चित रूप से मेरे द्वारा कही बातों का पालन नहीं कर रहे हैं. जिस क्षण वे मूखर्तापूर्ण हिंसा करते हैं, वे इस्लामी नहीं रहते और वे निश्चित रूप से मेरा समर्थन खो देते हैं."

उनके एनजीओ ‘इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन’ (आईआरएफ) पर प्रतिबंध को चुनौती देने के लिए कानूनी कदमों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दिल्ली और मुंबई की उनकी कानूनी टीमें इस मुद्दे पर गौर कर रही हैं और जल्द ही अदालत जाएंगी.

मोदी सरकार ने हाल में आईआरएफ पर पांच साल का प्रतिबंध लगाया था और इसे गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया था.

नाइक ने कहा कि आईआरएफ पर प्रतिबंध राजनीतिक रूप से प्रेरित है. विदेश से मिले धन में आईआरएफ द्वारा धन शोधन के आरोपों पर उन्होंने कहा कि बीते छह से अधिक वर्ष में दुबई में उनके निजी खाते से मुंबई में उनके निजी खाते में वे 47 करोड़ रुपये आए जो सवालों के घेरे में हैं.

नाइक ने कहा, "उन्होंने रिटर्न्‍स में इसकी पूरी तरह से घोषणा की और कानूनी क्रियाकलापों में इसे लगाया जिसमें अपने परिजनों के लिए उपहार और ऋण शामिल है. मुझे नहीं पता कि समस्या कहां है."

यह पूछे जाने पर कि वह भारत क्यों नहीं लौट रहे हैं, नाइक ने कहा कि उन्होंने जांच में सरकारी एजेंसियों को अपने सहयोग का बार-बार प्रस्ताव दिया लेकिन आज तक किसी भी एजेंसी ने उनसे न तो संपर्क किया, न सवाल पूछे और ना ही कोई नोटिस भेजा.

जाकिर ने ब्रिटिश होम मिनिस्ट्री द्वारा बैन लगाये जाने पर भी अपना रुख साफ किया और कहा कि उन्हें सिर्फ एक्सक्लूड किया गया है, उन पर बैन नही लगाया गया. आज भी यूके में उनकी स्पीच चलते है. उनकी किताबें और स्पीच के ऑडियो-वीडियो लोग देखते है. उनका ऑगर्नाइजेशन वहां अच्छा काम कर रहा है.

First published: 28 November 2016, 14:14 IST
 
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