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पहली बार देश में जीका वायरस की दस्तक, अहमदाबाद में 3 मिले

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 May 2017, 9:46 IST

जीका वायरस के देश में पहली बार तीन मामले सामने आए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अहमदाबाद में तीनों मामलों की पुष्टि की है, जिसमें एक गर्भवती महिला ने जनवरी में इससे जुड़ी जांच कराई थी. सभी मामले शहर के बापूनगर इलाके के बताए जा रहे हैं.

डब्ल्यूएचओ की साइट के मुताबिक देश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुजरात में अहमदाबाद के बापूनगर इलाके में जीका वायरस के तीन मामले पाए हैं. अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में आरटी-पीसीआर टेस्ट के माध्यम से जीका वायरस के मामलों की पुष्टि की गई है. इससे पहले जनवरी में पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी की लैब में आरटी-पीसीआर टेस्ट में इसकी पुष्टि हुई थी.

जीका वायरस ने निपटने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स भी गठित की गई है. इसमें उनके साथ बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव और स्वास्थ्य शोध विभाग के सचिव भी होंगे. यह जीका के बढ़ते मामलों पर निगाह रखेंगे. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी और स्वास्थ्य अधिकारी से जब इस बारे में तलब करने की कोशिश की गई तो कोई जवाब न मिल सका.

पहला मामलाः बीते साल 10-16 फरवरी के बीच हुए एक्यूट फर्बाइल इलनेस (एएफआई) सर्विलांस के दौरान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में कुल 93 खून के सैंपल लिए गए थे. एक सैंपल 64 वर्षीय पुरुष का था, जिसमें 8 दिन की फर्बाइल इलनेस सामने आई. यहां उसे पॉजिटिव पाया गया था. 

दूसरा मामलाः 9 नवंबर 2016 को 34 साल की महिला ने बीजे मेडिकल कॉलेज में शिशु को जन्म दिया. सब कुछ ठीक था, लेकिन डिलीवरी के बाद अस्पताल में रुकने के दौरान उसे हल्का बुखार हुआ. रिकॉर्ड में गर्भवती होने के दौरान न तो उसे बुखार था और न ही पिछले तीन महीनों में रहा था. उसकी ओर से यहां के वायरल रिसर्च और डायग्नॉस्टिक लैबोरेट्री (वीआरडीएल) में एक सैंपल डेंगू के टेस्ट के लिए दिया गया. बाद में उसमें जीका वायरस पॉजिटिव पाया गया. 

तीसरा मामलाः इसी साल जनवरी में 6-12 तारीख के बीच एंटेनैटल क्लीनिक (एएनसी) सर्विलांस चला था। 111 खून के सैंपल उसमें लिए गए थे, जिसमें 22 साल की एक गर्भवती महिला में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी. 

नवजात बच्चों पर ज्यादा असर
जीका वायरस सबसे पहले अफ्रीका में पाया गया था. यहां से धीरे-धीरे यह वायरस अफ्रीका, अमेरिका और एशिया के कई देशों में भी फैला. जीका वायरस का सबसे ज्यादा असर नवजात बच्चों पर होता है. इसके प्रभाव के चलते उनका सिर छोटा रह जाता है और उनका दिमाग पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता.

क्या है जीका वायरस
डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के काटने से जीका वायरस फैलने का भी खतरा रहता है. बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, थकान और सिर दर्द जीका वायरस के लक्षण हैं. 

First published: 28 May 2017, 9:46 IST
 
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