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'सरकार की आलोचना' करने वाले 3 जापानी टीवी पत्रकारों की नौकरी गई

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 February 2016, 15:32 IST

जापान की मौजूदा सरकार के प्रति 'आलोचनात्मक रुख' रखने वाले तीन जापानी एंकरों को नौकरी से निकाल दिया गया है.

निकाले गए एंकर इचीरो फुरुताची, हिराको कुनिया और शिगेतादा किशाई इवनिंग न्यूज कार्यक्रम पेश करते थे.

आलोचकों का कहना है कि जापान के शिंजो एबे और उनके सहयोगी आलोचनात्मक आवाजों को दबा रहे हैं. ताजा फैसला उसी की एक कड़ी है.

साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट  के अनुसार जापान के गृह मंत्री सनाई तकाइची ने पिछले हफ्ते मीडिया संस्थानों को सीधी चेतावनी दी थी. उन्होंने जापानी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा था कि जो चैनल राजनीतिक रिपोर्टों में 'निष्पक्षता' बरतने में विफल रहे हैं उनपर रोक लगायी जा सकती है.

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जापान के प्रसारण कानूनों के तहत जापानी गृहमंत्री के पास राजनीतिक निष्पक्षता न बरतने वाले चैनलों पर रोक लगाने का अधिकार है.

जापान के कमर्शियल ब्राडकास्टर एसोसिएशन ने एक बयान जारी करके कहा है, "ये केवल ब्रॉडकास्टर को धमकाने की कोशिश है. तकाइची कानून की पूरी तरह गलत व्याख्या कर रही हैं. उन्हें तत्काल अपना बयान वापस लेना चाहिए."

निकाले गए पत्रकारों ने कमेंट देने से इनकार कर दिया लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एबे ने एक गुप्त डिनर में मीडिया के वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी राय से अवगत करा दिया था.

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एसेक्स यूनिवर्सिटी के मानवाधिकार सेंटर सनाई फुजिता ने कहा, "उन लोगों ने अपनी मर्जी से नौकरी नहीं छोड़ी है. बल्कि उनके बॉस उन वरिष्ठ अधिकारियो के दबाव में आ गए जो एबे के 'दोस्त' हैं." उन्होंने कहा कि जापानी मीडिया की ऐसी सेल्फ-सेंसरशिप खतरनाक है.

सोफिया यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर कोइची नकानो ने कहा कि एंकरों के निकाले जाने और सरकार के बीच लिंक जोड़ना बहुत कठिन है. लेकिन ऐसी बहुत सी ठोस बातें सुनी जाती रही हैं किस तरह सरकार के प्रति आलोचनात्मक रुख रखने वालों को नौकरी से निकलवाया जाता रहा है.

जापानी मीडिया विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी इन एंकरों को निकाले जाने को प्रतिरोध की आवाज को दबाने का मामला बता रहे हैं.

First published: 24 February 2016, 15:32 IST
 
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