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तस्वीरों में देखें 35 टन मरी हुई मछलियों का दर्दनाक नजारा

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2016, 23:17 IST

एक झील में पता नहीं अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसमें मौजूद ज्यादातर मछलियां मर गईं. 35 टन से ज्यादा वजन की यह लाखों मछलियां बहकर झील के किनारे पहुंच गईं. अभी तक मछलियों की मौत की असली वजह सामने नहीं आई है लेकिन पानी के प्रदूषण को इसकी वजह माना जा रहा है.

dead fish in lake of china.jpg

चाइनाडेली.कॉम

यह चौंकाने वाली घटना दक्षिणी चीन की. यहां के हैनन द्वीप स्थित हॉन्गचेंग झील में मृत मछलियां बहती हुईं किनारे पर जमा हो गईं. इतनी भारी तादाद में मरी हुई मछलियां देखकर इलाके के लोगों में डर बैठ गया और यह नजारा बड़ा खौफनाक था. 

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चाइनाडेली.कॉम

सरकार इन मछलियों की मौत की जांच कर रही है. चाइना डेली में छपी रिपोर्ट की मानें तो विशेषज्ञों का मानना है कि पानी के खारेपन (सैलाइन) स्तर में उतार-चढ़ाव इसकी वजह हो सकता है.

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हैकोऊ ओसिएनिक एंड फिशरी ब्यूरो की शोधकर्ता लू योगलियांग का कहना है कि यह मछलियां नंदू जैसी विशाल नदी से ज्वार के जरिये हॉन्गचेंग झील में बहकर आ गईं. जहां अचानक हुए सैलाइन परिवर्तन या ड्रॉप से उनकी मौत हो गई. 

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चाइनाडेली.कॉम

चीनी शोधकर्ताओं का कहना है कि खारेपानी की मछलियां ताजे पानी में रहने लायक नहीं होती हैं क्योंकि खारेपानी की तुलना में झील में उनके शरीर में ताजा पानी ज्यादा तेजी से अंदर जाता है जिससे उनकी रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं. 

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चाइनाडेली.कॉम

हालांकि विशेषज्ञों के बयान से अलग यहां के लोगों को संदेह है कि यह मछलियां प्रदूषण के कारण मरी हैं. बीते वर्ष अगस्त में भी तिआंजिन पोर्ट पर टनों मछलियां मरी पाई गई थीं. 

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इनके मरने की वजह पानी में स्वीकृत सीमा से 277 गुना ज्यादा मात्रा में सायनाइड जैसे जहर का घुला होना था. यह सायनाइड दो रासायनिक संयत्रों में हुए विस्फोट से निकला था जिसने पानी को जहरीले रसायन से युक्त कर दिया. हालांकि तिआंजिन प्रशासन ने इन मछलियों के मरने की वजह खारेपन में तब्दीली बताई थी.

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वहीं, हैनन द्वीप के कर्मचारी इन मछलियों को झील के किनारे से हटाने में जुटे हुए थे और उन्हें जलाने या फिर जमीन में दफनाने के लिए ले जा रहे थे.

First published: 6 May 2016, 23:17 IST
 
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