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चीन के इस बुजुर्ग ने मरने से बचने के लिए लोगोंं से की अपील, जानें क्या है वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 May 2018, 17:29 IST
(Washington Post)

सुनकर आपको अजीब लगेगा कि कोई बुजुर्ग खुद को गोद लेने की बात कहे. लेकिन ये हकीकत हैं. दरअसल, चीन में 85 साल के एक बुजुर्ग ने खुद को गोद लेने की गुहार लगाई है. हेन जीचेंग नाम का ये बुजुर्ग रोजाना साइकिल से इसलिए घूमता है ताकि कोई उसे गोल ले सके.

वाशिंगटन पोस्ट की खबर के मुताबिक उनका कहना है कि मैं 85 साल का अकेला शख्स हूं. शरीर ताकतवर है, शॉपिंग कर सकता हूं, खाना बनाना जानता हूं, अपनी देखभाल खुद कर सकता हूं. तियानजिन के साइटेफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट से रिटायर हुआ हूं. मुझे हर महीने 950 डॉलर पेंशन में मिलते हैं. मैं नर्सिंग होम नहीं जाना चाहता. मुझे पूरी उम्मीद है कि कोई दयालु व्यक्ति मुझे गोद ले लेगा. मेरी देखभाल कर सकेगा. मेरे निधन पर कोई मेरा अंतिम संस्कार भी करेगा.

हेन बताते हैं कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है और बच्चों से उनका कोई संपर्क नहीं है. उनके पड़ोसियों के पास भी उनके लिए वक्त नहीं है. उन्होंने बताया कि वो बाइक चला सकते हैं. लेकिन उन्हें पता है कि एक दिन ऐसा आएगा जब वो चल फिर नहीं पाएंगे. उन्हें डर है कि आखिर में वो अकेले न पड़ जाएं.

बता दें कि हैन ने अपनी इस स्टोरी को एक लोकल टेलीविजन पर सुनाया था. उसके बाद उनके पास कई फोन कॉल्स आने लगे. वे अपने पड़ोसियों को भी ये बात बता चुके हैं कि वे अकेले हैं और ऐसे नहीं मरना चाहते हैं. लेकिन उनके पड़ोसियों ने उनकी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया. मगर अब अब लोग उनके पास पहुंच रहे हैं और उनसे बात कर रहे हैं. यही नहीं एक लोकल रेस्टॉरेंट ने उन्हें खाना देना शुरु कर दिया है. साथ ही एक 20 साल का लॉ स्टूडेंट ने उनसे दोस्ती कर ली है. और वह रोजाना उनसे फोन पर बात करता है.

हैन का जन्म 1932 में हुआ था. उस वक्त जापान ने चीन पर हमला किया था. उनका बचपन भी काफी परेशानियों में बीता है. वो जब बड़े हुए तो एक कारखाने में काम करने लगे. उस वक्त उनकी शादी भी हो गई. जिस वक्त कल्चरल रिवॉल्यूशन चल रहा था उस वक्त उनके बच्चे हुए. काफी संघर्षों में उनका जीवन बीता. उनका कहना है- ''मेरी उम्र के लोग काफी संघर्ष करते हैं. इस उम्र में इंसान सोचता है कि वो एक ऐसे घर में रहे जहां बच्चे और पोते सेवा करें. लेकिन मेरी तरह कई लोगों को ये सेवा नहीं मिल पाती है.''

हैन का कहना है कि उनका एक बच्चा 2003 में कनाडा चला गया था. जब से उसने एक कॉल तक नहीं किया. वो इसलिए उन्हें कॉन्टेक्ट नहीं करना चाहते क्योंकि वो उसे शर्मिंदा नहीं करना चाहते हैं. उन्होंने अपनी तुलना एक पेड़ के साथ की है. उनका कहना है कि जब तक पेड़ में फूल रहते हैं तब तक लोग उसका इस्तेमाल करते हैं. जिसके बाद उसको छोड़ देते हैं. ठीक वैसे ही मेरे साथ हुआ.

जब बीस वर्षीय लॉ स्टू़ेंट्स ने हैन को कॉल किया तो कई दिन तक उन्होंने उसकी कॉल रिसीव नहीं की. तो लॉ स्टूडेंट जियांग जिंग ने कनाडा में हैन के बेटे को कॉल किया. उनके बेटे ने बताया कि उनकी 17मार्च को मौत हो गई. वहीं हैन के पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें बिलकुल नहीं पता कि उनकी मौत हो चुकी है. उनका बेटा हैन चैंग कनाडा से वापस भी आया था. वो पिता को गोद लेने वाली खबर से काफी दुखी था. उनके बेटे की मानें तो वो उनको अपने घर ले जाना चाहता था. लेकिन हैन नहीं चाहते थे. बेटे ने हैन को कई बार कॉल किया लेकिन उन्होंने उठाया नहीं.

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First published: 3 May 2018, 17:29 IST
 
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