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सऊदी अरब का राजकुमार बनकर फरारी में घूमता शख्स, हजारों को लगाया करोड़ों का चूना

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 May 2018, 12:09 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

खुद को सऊदी अरब के राजघराने का बताने वाले प्रिंस खालिद बिन अल सऊद को मियामी की एक कोर्ट ने धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी करार दिया है. उस पर 27000 डॉलर बकाया का आरोप है. तथाकथित प्रिंस खालिद बिन अल सऊद फिशर आइलैंड में एक पेंटहाउस अपार्टमेंट में रहता था. वो लोगों को खुद को सऊदी अरब का राजघराने का सदस्य बताया करता थाउसके पास एक फरारी जैसी महंगी कार होती और हाथ में रोलेक्स की महंगी घड़िया. उसकी शानो-शौकत से ही वह किसी प्रिंस से कम नहीं लगता था.

सऊद फिशर आइलैंड में एक आलीशान पेंटहाउस में रहा करते था, जहां मियामी बीच से केवल नौका या हेलीकॉप्टर से ही पहुंचना मुमकिन है. जहां उसे सब एक सुल्तान कहा करते थे. वो दावा किया करता था कि उसके बैंक अकाउंट में 600 मिलियन डॉलर हैं और वह एक बड़ा बिजनेसमैन है.

सऊद अपने बिजनेस के लिए किसी पार्टनर की तलाश कर रहा था. जब एक दिन वो अपने संभावित बिजनेस पार्टनर के साथ फरारी कार से घूम रहा था. तो सऊद ने उससे किसी तरह की चिंता ना करने की बात की. उसके बाद उसके संभावित बिजनेस पार्टनर ने सऊद की लापरवाही से ड्राइविंग करने की शिकायत की. नवंबर 2017 में फेडरल कोर्ट में दायर एफबीआई के हलफनामे में बताया गया कि उसकी कार में राजनयिक लाइसेंस प्लेट थी और उसके पास डिप्लोमेटिक इम्युनिटी थी.

हालांकि, उसने ये नकली डिप्लोमेटिक प्लेट उसने eBay से खरीदे थे. वहीं उसके कनेक्शन और बैंक अकाउंट सभी फर्जी थे. बाद में पता चला के सऊद नाम के ये शख्स ना तो सऊदी अरब का राजकुमार था और ना ही ये सऊदी अरब का नागरिक. वो कोलंबियाई का नागरिक एंथनी गिग्नैक था.

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47 साल के इस शख्स को मियामी की फेडरल कोर्ट ने सोमवार को विदेशी सरकारी अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाने, चोरी और धोखाधड़ी करने के मामले में दोषी ठहराया. उस पर 26 निवेशकों का 8 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की योजना के संबंध में भी दोषी करार दिया है. अब फेडरल कोर्ट उसे इसी साल अगस्त महीने में सजा सुनाएगी. 

बता दें कि सऊद पर ये कोई पहला मामला नहीं है जब वो फेडरल कोर्ट पहुंच हो. रिकॉर्ड को मुताबिक पिछले तीस साल में होटल के कर्मचारियों, क्रेडिट कार्ड कंपनियों, दुकानदारों और निवेशकों से धोखाधड़ी का कई आरोप लगे हैं. अधिकारियों का कहना है कि गिग्नेक बार-बार पकड़े जाने बावजूद उसने अपनी राजकुमार वाली पहचान नहीं छोड़ी. वो लगातार लोगों को यही बताता रहा कि वो सऊदी अरब के राजपरिवार का सदस्य है.

अधिकारियों के मुताबिक शायद वो बोगाटा की सड़कों पर रहने वाला सहने वाला एक गरीब व्यक्ति हो सकता है. गिग्नेक का अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी सऊदी अरब सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई थी. सऊदी दूतावास के एक अधिकारी ने साल 2002 में ऑरलैंडो सेंटीनेल को बताया था कि, "दुर्भाग्य से हम ऐसे समाज में रहते हैं जहां लोग लोग सोचते हैं कि वो अपना नाम बताकर लोगों से सम्मान पा लेंगे.”

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बता दें कि साल 2006 में गिग्नेक मिशिगन के पूर्वी जिले में बैंक धोखाधड़ी और और अन्य आरोपों का सामना कर रहा था, तब एक वकील ने उसके जिंदगी से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में बताया था. वकील द्वारा जारी दस्तावेजों के मुताबिक 1970 के दशक में जब कोलंबिया गृहयुद्ध से जूझ रहा था तब गिग्नेक और उसका भाई डैन दो साल तक सड़कों पर रहे. उन्होंने जीने के लिए वो सब कुछ किया जो वो कर सकते थे. उन्हें कभी भरपेट खाना नहीं मिला. उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी परेशानियां झेलीं.

जब गिग्नेक 7 साल का था और उसका भाई पांच साल का था तो मिशिगन के एक दंपति ने इन दोनों भाईयों को गोद ले लिया. रिकॉर्ड के मुताबिक गोद लेने से पहले गिग्नेक अंग्रेजी नहीं जानता था. उसका गोद लेने वाली मां से गहरा लगाव था. उसे इस बात का डर था कि वो घर छोड़कर ना चली जाए. इसी बात की उसे चिंता सताने लगी और उसने अपने दोस्तों से झूठ बोलना शुरु कर दिया.

First published: 31 May 2018, 12:09 IST
 
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