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महिला से ज्यादा पुरुष के लिए फायदेमंद है शादी

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 24 April 2016, 12:03 IST
एक नया शोध बताता है कि अगर आप एक महिला हैं और आपके पति की मौत हो जाती है, तो यह आपकी सेहत के लिए काफी बेहतर है. पति की मौत के बाद विधावाओं को कम तनाव होता है. लेकिन पत्नी के चले जाने से पुरुषों को ज्यादा दिक्कत होती है क्योंकि वे अपनी पत्नी पर ज्यादा आश्रित होते हैं.

इटली स्थित पैडोवो यूनिवर्सिटी के इस शोध के अनुसार ये धारणा गलत है कि विवाहितों को ज्यादा शारीरिक लाभ होते हैं. जबकि इससे पहले किए गए कुछ शोधों के अनुसार विवाहित लोगों की जिंदगी अकेले (बैचलर) की तुलना में लंबी होती है.

ताजा शोध में 65 वर्ष से ऊपर की उम्र के दो हजार से ज्यादा लोगों को शामिल करते हुए लिंग आधारित विशिष्ट अंतरों का अध्ययन किया गया.

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पैडोवो यूनिवर्सिटी की डॉ. कैटरीना ट्रेविसैन बताती है कि ज्यादातर शादीशुदा पुरुषों को लगता है कि उनके घरबार और उनकी सेहत की देखभाल करने के लिए उनकी पत्नी है.

डॉ. ट्रेविसैन कहती हैं इसके विपरीत महिलाओं में "इस बात की ज्यादा संभावना होती है कि वो अपनी भूमिका को रोकटोक और परेशानी वाला समझते हुए ज्यादा तनाव महसूस करें."

उन्होंने कहा, "शादीशुदा महिलाएं देखरेख करने के भार से प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि वे अक्सर अपने पति की देखभाल में समर्पित हो जाती हैं."

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यह अविवाहित महिलाओं के बीच कम तनाव होने की संभावना का एक प्रमुख कारण है. जबकि शादी के बंधन में बंधने वाली महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ज्यादा वैवाहिक परेशानियां झेलनी पड़ती हैं.

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इसके अलावा पुरुषों की तुलना में करीब एक चौथाई विधवा महिलाओं ने ही अपने बाद के जीवन में खुद को कमजोर पाया. जबकि बैचलर्स और विधुरों में कमजोर पड़ने की संभावना काफी ज्यादा रही.

शोध में यह भी पता चला कि कुंवारी लड़कियों में वजन की कमी और थकान होने का जोखिम कम था. 

शोधकर्ताओं ने पाया कि एकल महिलाओं में ज्यादा जॉब संतुष्टि, कार्यस्थल पर उच्च कार्यक्षमता और सामाजिक एकाकीपन का कम जोखिम रहा क्योंकि उन्होंने पुरुषों की तुलना में मित्रों और परिवार से ज्यादा बेहतर संबंध बनाए रखे.

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डॉ. ट्रेविसन कहती हैं, "हमारी शोध को देखते हुए एकल महिलाओं में शिक्षा का उच्च स्तर और बेहतर आर्थिक हालात की बात सामने आई. जिससे एकल महिलाओं की बेहतर सामाजिक स्थिति उन्हें बेहतर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्वास्थ्य का मौका देती है."

"कई शोधों से पता चला है कि अपने साथी को खोने पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं के तनाव में जाने का कम खतरा होता है. क्योंकि संभवतः महिलाओं में हालात का सामना करने और अपनी भावनाएं व्यक्त करने की बेहतर क्षमता होती है."

वो कहती हैं. "इन पहलुओं के जरिये यह समझाने में मदद मिल सकती है कि एकल महिलाओं में थकान का कम जोखिम होता है. एकल पुरुषों की तुलना में इनका ज्यादा सामाजिक दायरा ज्यादा होता है और इनके कमजोर पड़ने की संभावना कम होती है."

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वो कहती हैं कि उनके सभी साथियों को लगता था कि विवाह का लाभ स्त्री और पुरुष दोनों को होता है लेकिन इस शोध के अनुसार पुरुष ही फायदे में रहते हैं.

वो कहती हैं, "विवाह न करना पुरुष के लिए महिला से ज्यादा नुकसानदायक होता है. विवाह से पुरुषों की ज्यादा सुरक्षा मिलती है"

First published: 24 April 2016, 12:03 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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