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जानिए ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे का पहला भारत दौरा क्यों अहम है?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 November 2016, 9:08 IST
(ट्विटर)

ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनीं थेरेसा मे तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं. रविवार रात वह दिल्ली पहुंचीं. ब्रेग्जिट के बाद यूरोप के बाहर के किसी देश का यह उनका पहला दौरा है.

ब्रेग्जिट के बाद पीएम डेविड कैमरन ने इस्तीफा दे दिया था. थेरेसा मे के कंधे पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को मुश्किल दौर से निकालने की बड़ी जिम्मेदारी है. भारत का उनका यह दौरा ब्रेग्जिट की वजह से काफी अहमियत रखता है.  

भारतीय कारोबारियों की मुश्किल

ब्रेग्जिट के बाद बदले हुए माहौल में भारतीय कारोबारी वर्ग ब्रिटेन में व्यापार को लेकर पसोपेश में है. ऐसे में थेरेसा मे का यह दौरा काफी अहम है. कारोबारियों का मानना है कि ब्रेग्जिट के बाद यूके के साथ व्यापार में मुश्किल होगी.

भारत और ब्रिटेन के बीच 10 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है. 2020 में इसके 20 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में थेरेसा मे अपने इस दौरे में भारतीय कारोबारियों में नया भरोसा जगाने की कोशिश करेंगी.

फाइल फोटो

भारतीय छात्रों के वीजा का मामला

ब्रिटेन में भारतीय मूल के छात्रों के लिए यूके वीजा का मामला भी इस दौरे में उठने की पूरी उम्मीद है. पिछले एक साल के दौरान पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने वाले भारतीय छात्रों की तादाद में भारी कमी आई है. आंकड़ों के मुताबिक भारतीय छात्रों की संख्या में 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे में यह मुद्दा भी अहम है.

भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ से ज्यादा के कर्जदार विजय माल्या भी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लंदन में ही हैं. हाल ही में दिल्ली की एक कोर्ट ने भी उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. 

माल्या के प्रत्यर्पण का मामला

थेरेसा मे के इस दौरे में माल्या के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठने की पूरी संभावना है. इसके साथ ही विदेशी निवेश और रक्षा के मामलों को लेकर भी थेरेसा मे का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है.

आठ नवंबर तक ब्रिटिश पीएम भारत में रहेंगी. आठ नवंबर को वह बेंगलुरु के अलसूर स्थित ऐतिहासिक सोमेश्वर मंदिर का भी दौरा करेंगी. थेरेसा मे के साथ आए 40 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल में ज्यादातर कारोबारी हैं. जाहिर है भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार इस दौरे का केंद्र बिंदु है.

ब्रेग्जिट और थेरेसा मे

डेविड कैमरन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद 13 जुलाई को थेरेसा मे नई प्रधानमंत्री नियुक्त की गईं. यूरोपीय संघ के मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह के बाद पीएम डेविड कैमरन को इस्तीफा देना पड़ा था.

थेरेसा 1997 से ही बतौर सांसद ब्रिटिश संसद में मौजूद हैं. डेविड कैमरन के मंत्रिमंडल में वह गृहमंत्री रहीं. थेरेसा पिछले 50 सालों में सबसे लंबे समय तक गृहमंत्री के पद पर रहने वाली सांसद हैं. थेरेसा मे को सैंडलों का बड़ा शौक है. चीते की खाल जैसे शू कलेक्शन को लेकर वह काफी चर्चाओं में रही थीं.

टेररिज्म एक्ट 2000 के इस्तेमाल और पासपोर्ट आवेदनों के निपटारे जैसे कुछ मामलों को लेकर गृह मंत्री के तौर पर थेरेसा का कार्यकाल विवादों में भी रहा. 

ब्रिटेन की दूसरी महिला पीएम

59 साल की थेरेसा मे, मारग्रेट थैचर के बाद ब्रिटेन की दूसरी महिला पीएम नियुक्त हुई हैं. इससे पहले 1979 से लेकर 1990 तक मारग्रेट थैचर ने ब्रिटेन की पहली महिला पीएम के रूप में कार्यभार संभाला था. 26 साल बाद थेरेसा मे ब्रिटेन की दूसरी महिला पीएम बनी हैं.

डेविड कैमरन ने पिछले साल हुए चुनाव में कंजरवेटिव पार्टी को जीत दिलाई थी, लेकिन यूरोपीय संघ का सदस्य बने रहने के सवाल पर ब्रिटेन की जनता ने कैमरन को खारिज कर दिया. इसके बाद थेरेजा मे को कमान सौंपी गई.

First published: 7 November 2016, 9:08 IST
 
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