Home » इंटरनेशनल » After indian army surgical strike us watch the condition of both country
 

भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमेरिका मुस्तैद, दोनों देशों के रुख पर पैनी निगाह

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 September 2016, 9:50 IST
(एजेंसी)

भारतीय सेना के द्वारा भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पार पाक अधिकृत कश्मीर में बुधवार की देर रात हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमेरिका भी चौकन्ना हो गया है. भारतीय सेना के इस कदम से जहां एक ओर पाकिस्तान हैरान-परेशान है, वहीं सीमा के दोनों तरफ ही सेना की बढ़ती हलचल की वजह से अमेरिका भी सतर्क हो गया है.

इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किरबी ने कहा कि अमेरिका वहां से आने वाली सभी रिपाेर्ट और स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद आतंकवाद पर चिंता जाहिर करता रहा है. अमेरिका ने हमेशा से ही आतंकवाद के बढ़ते खतरे को महसूस किया है.

'लश्कर-जैश के ठिकाने खत्म हों'

किरबी के मुताबिक अमेरिका आतंकवाद को बहुत अच्छे से जानता और पहचानता है. उन्होंने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि पीओके और पूरे पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों जिसमें लश्कर और जैश भी शामिल है, को पूरी तरह से खत्म किया जाए.

वहीं पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी भारत के विदेश मंत्री से 27 सितंबर को बात कर उड़ी हमले की जमकर निंदा की थी.

इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के हर रूप की जमकर आलोचना की. इसके साथ ही सीमा पर बढ़ते तनाव पर भी चिंता जताई थी.

किरबी ने कहा कि वह भारत की सर्जिकल स्ट्राइक पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते हैं, लेकिन यह साफ है कि इससे दोनों ही देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा.

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए दोनों को ही बातचीत का सहारा लेने की भी सलाह दी है.

यूएन ने की बातचीत की अपील

दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता ने कहा कि यूएन महासचिव ने भारत सरकार को फोन कर हर मसले और तनाव को दूर करने के लिए बातचीत करने की अपील की हैै.

यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप के मुताबिक वह भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम उल्लंघन से अच्छी तरह से परिचित है, इसके साथ ही वह दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं.

First published: 30 September 2016, 9:50 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी