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जीका वायरस के खतरे को देखते हुए वैज्ञानिकों ने की रियो ओलंपिक रद्द करने की मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2016, 15:15 IST
(यू-ट्यूब)

जीका वायरस के खतरों को देखते हुए 150 अंतरराष्ट्रीय चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में होने वाले ओलंपिक को रद्द करने या कहीं और करवाने की मांग की है.

इन लोगों ने इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) को एक पत्र लिखा है. शुक्रवार को लिखे इस पत्र में कहा गया है कि ब्राजील के जीका संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर रियो में खेल करवाने का दबाव बनाना गैर जिम्मेदाराना होगा.

पत्र में कहा गया है कि, ‘हमारी चिंता वैश्विक स्वास्थ्य को लेकर है. जीका वायरस ने स्वास्थ्य को इस तरह से नुकसान पहुंचाया है, जिसे आधुनिक विज्ञान ने पहले कभी नहीं देखा.’इस पत्र को अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे, फिलीपीन, जापान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और लेबनान समेत कई देशों के डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लिखा है.

इसमें डब्लूएचओ से कहा गया है कि, ‘दुनियाभर के देशों से विभिन्न खेलों में भाग लेने के लिए जब पांच लाख विदेशी पर्यटक रियो डी जेनेरियो आएंगे तो यह खतरा बना रहेगा कि जीका वायरस पर्यटकों को चपेट में ले ले. इसके साथ ही आने वाले पर्यटक इस वायरस को अपने साथ अपने देश भी ले जा सकते हैं, जहां जाकर यह महामारी के तौर पर उभर सकता है.’

पत्र में डब्लूएचओ को कहा गया है कि, ‘क्या गरीबों के साथ ऐसा होना चाहिए? क्योंकि अभी तक इसके प्रकोप से बचे हुए स्थानों (जैसे अधिकांश दक्षिण एशिया और अफ्रीका) पर इसका प्रकोप बहुत व्यापक हो सकता है.’

जीका वायरस की वजह से माइक्रोसेफली सहित कई जन्मजात विकृतियां आ सकती हैं. माइक्रोसीफेली ऐसी बीमारी है जिसमें बच्चे छोटे सिर और मस्तिष्क के साथ पैदा होते हैं.

गौरतलब है कि ब्राजील में पिछले साल मच्छर जनित जीका वायरस के फैलने से अब तक करीब 1300 बच्चों में इस तरह के लक्षण दिख चुके हैं. आधुनिक विज्ञान में इसे ठीक करने की दवा को अभी तक विकसित नहीं किया जा सका है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने ब्राजील की यात्रा पर जाने वाले लोगों से अपील की है कि वे मच्छरों के काटे जाने से बचने के उपाय अपने साथ लेकर चलें. इसके साथ ही इनके द्वारा यह अपील भी की गई है कि गर्भवती महिलाएं रियो डी जेनेरियो सहित उन क्षेत्रों में जाने से बचें, जहां जीका फैला हुआ है.

डब्लूएचओ ने जीका खतरे की बात नकारी

वहीं दूसरी तरफ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की इस मांग को खारिज कर दिया है. शनिवार को संगठन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ताजा आकलन के आधार पर जीका के प्रसार को देखते हुए साल 2016 के ओलंपिक को रद्द करना या उसका आयोजन स्थल बदलना सही नहीं होगा. डब्लूएचओ ने इस बात को माना कि ब्राजील दुनिया के उन 60 देशों में से एक है, जहां मच्छरों से अभी भी जीका फैल रहा है. इसके बाद भी लोग अलग-अलग कारणों से इन देशों की यात्रा कर रहे हैं. संगठन के मुताबिक खतरे को कम करने का सबसे बढ़िया तरीका यह है कि यात्रा को लेकर जारी किए गए परामर्श का पालन किया जाए. डब्लूएचओ ने कहा है कि वह हालात की लगातार निगरानी कर रहा है और जब कभी भी जरूरी होगा तो इस मामले में सलाह जारी करेगा. डब्लूएचओ ने बताया कि उनका ध्यान जीका वायरस के अलावा एडीज मच्छरों की संख्या कम करने को लेकर भी है, जो कि चिकनगुनिया, डेंगू और पीत ज्वर फैलाते हैं.

First published: 29 May 2016, 15:15 IST
 
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