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वायु प्रदूषण से शेयर बाज़ार तबाह हो सकता है: रिपोर्ट

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 10 December 2016, 8:26 IST
(मलिक/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • ओटावा विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री एंथोनी हीव्स और उनकी टीम ने वायू प्रदूषण पर एक चौंकाने वाला अध्ययन किया है. 
  • ‘द इफेक्ट ऑफ एयर पॉल्यूशन ऑन इनवेस्टर बिहेवियर: एविडेंस फ्रॉम द एसएंडपी 500’ शीर्षक से प्रकाशित इस शोध के नतीजे कहते हैं कि वायु प्रदूषण शेयर बाजार तबाह हो सकता है. 

ऐसी क्या बात है, जो लंदन, लाहौर, पेरिस और नई दिल्ली में कॉमन है? अर्थव्यवस्था, संस्कृति, राजनीति, समाज या फिर कुछ और? नहीं. इन सभी मेट्रो शहरों में सबकुछ अलग है सिवाय पॉल्यूशन के. ये शहर वायु प्रदूषण की मार से बीमार होते जा रहे हैं. इससे पहले कि इनकी अर्थव्यवस्था को वायु प्रदूषण पूरी तरह अपनी चपेट में ले ले, उससे निजात पाने के उपाय तलाशे जा रहे हैं.

हमें मालूम है कि वायु प्रदूषण से हमारी सेहत, हमारा काम, हमारे दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, मगर एंथोनी हीव्स और उनकी टीम ने अध्ययन के बाद चौंकाने वाला नज़रिया दिया है. एंथोनी ओटावा विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री हैं. ‘द इफेक्ट ऑफ एयर पॉल्यूशन ऑन इनवेस्टर बिहेवियर: एविडेंस फ्रॉम द एसएंडपी 500’ शीर्षक से इस शोध के नतीजे इस साल अक्टूबर में नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनोमिक रिसर्च में प्रकाशित किए गए. शोध से कहता है कि वायु प्रदूषण शेयर बाजार तबाह हो सकता है. 

शोध के नमूने

इस अध्ययन में 4 तरह का डाटा लेकर टीम ने उसका विश्लेषण किया. शेयर के लिए एसएंडपी 500 इंडेक्स से रिटर्न के नमूने लिए. प्रदूषण स्तर पता करने के लिए एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) से पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5) का डाटा लिया. शिकागो बोर्ड ऑप्शन एक्सचेंज की ओर से प्रकाशित अस्थिरता सूचकांक का भी इस्तेमाल किया गया. और अंत में ईपीए मौसम का डाटा क्योंकि मौसम के बदलने से अक्सर बाज़ार प्रभावित होता है. ये सभी डाटा 2000 से 2014 तक के थे. 

शोध के नतीजे

इन तमाम आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चला कि 11.9 प्रतिशत रिटर्न उस दिन के एसएंडपी 500 में कम हो जाता है, जब पीएम 2.5 के स्तर में तय मानक में विचलन (स्टैंडर्ड डिविएशन) पाया जाता है. शोध कहता है, ‘इसके बावजूद कि शेयर निवेशक अगल-अलग भौगोलिक इलाक़ों के होते हैं, हमें इसका पुख़्ता प्रमाण मिला है कि इसका प्रभाव बिलकुल स्थानीय है, और न्यूयार्क में बाजार प्रभावित करने के उच्च एकाग्रता के साथ इसकी संगति है.’

गौरतलब है कि कारोबारियों और बाजार के एजेंट इस बात से अनजान हैं कि जिस शेयर को खरीदने में वे पैसा लगा रहे हैं, उसे वायु प्रदूषण जोखिम में डाल सकता है क्योंकि इससे शेयर बाजार का भाव गिर सकता है. मज़े की बात यह है कि वायु प्रदूषण का शेयर बाजार पर असर तुरंत होता है. अगर पीएम 2.5 का स्तर एक यूनिट बढ़ता है तो अस्थिरता सूचकांक में 1.9 प्रतिशत शेयर की बढ़ोतरी होती है. ये नतीजे अन्य विकसित देशों के वर्कर्स पर भी लागू होते हैं. 

अध्ययन के मुताबिक, ‘स्थान विशेष के कार्य पर प्रदूषण का असर पहले के अनुमान से और भी ज्यादा घातक है.’  शोध में खुलासा है कि किस तरह वायु प्रदूषण आधुनिक अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार सकता है. न्यूयार्क में वायु की गुणवत्ता में थोड़ा भी फर्क़ हुआ, तो आप इसकी कल्पना नहीं कर सकते कि पूरे विश्व में शेयर-धारकों का निवेश कितना गड़बड़ा जाएगा. इससे पूर्व के शोध में भी जानकारी थी कि चीन में बढ़ते वायु प्रदूषण ने चीन के शेयर बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया था.

First published: 10 December 2016, 8:26 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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