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दो सप्ताह से जल रहा 'दुनिया का फेफड़ा', आठ महीने से 73,000 बार लगी आग

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 August 2019, 11:56 IST

'दुनिया का फेफड़ा' कही जाने वाली अमेजन की जंगलों में भयावह आग लग गया. पिछले 2 हफ्तों में आग की लपटों में कोई कमी नहीं आई है. इस जंगल की हरियाली से पूरी दुनिया को 20 प्रतिशत ऑक्सीजन मिलती है. पिछले दो हफ्तों से लगी आग के कारण आसपाल का इलाका और आसमान काला पड़ गया है.

अमेजन की जंगलों में आग लगना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन इस बार आग ने अपना सभी रिकोर्ड तोड़ दिया है. नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के मुताबिक, पिछले आठ महीने से यहां 73,000 बार आग लगने की हुई है, जो काफी ज्यादा है. 2018 के मुकाबले इस बार जंगलों में आग लगने की घटनाएं 83% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

अधिकारियों के अनुसार, जंगलों में आग लगने की घटना पिछले दो-तीन सप्ताह से काफी बढ़ रही है. ब्राजील ने इन घटनाओं पर महीने की शुरुआत में ही आपातकाल घोषित कर दिया था.

नासा ने कहा, "अमेजन वन की जलवायु जुलाई-अगस्त में उष्ण-आर्द्र बनी रहती है जबकि सितंबर से लेकर नवंबर मध्य तक यह शुष्क हो जाती है." वहीं, अधिकाकियों का कहना है कि जंगलों में आग लगने का कारण खेती और पशुपालन होता है.

समाचार पत्र के अनुसार, सैटेलाइट से ली गई फोटो से पता चला कि आग ब्राजील के अमेजन, रोंडोनिया, पारा और माटो ग्रासो स्टेट के जंगलों में लगी है. सबसे ज्यादा प्रभावित अमेजन हुआ है. इसका असर ब्राजील और पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है.


अमेजन की जंगलें दुनिया का कुल 20 प्रतिशत ऑक्सीजन पैदा करती है. वहीं, यह 10 % जैव-विविधता वाला क्षेत्र है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि यह वन क्षेत्र खत्म होता है तो इसका दुनिया पर बुरा असर पड़ेगा.

जंगल के लिए फंडिंग करने की अपील

सोशल मीडिया यूजर्स अमेजन की जंगलों को बचाने के लिए अरबपतियों से दान की अपील कर रहे हैं. वहीं, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो को भी सोशल मीडिया यूजर्स की आलोचना का शिकार होना पड़ा. लोगों ने कहा- "सरकार अमेजन में कृषि कार्य को रोकने और आग पर काबू पाने में नाकाम रही है."

वहीं, राष्ट्रपति बोल्सोनारो पर ब्राजील के एनजीओ ने भी जंगलों को काटने के लिए फंडिंग करने का आरोप लगाया है. इसके जवाब में राष्ट्रपति ने कहा उन पर आरोप लगाने वाले एनजीओ के खिलाफ शिकायत दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा, "यह युद्ध है जिसका मैं सामना कर रहा हूं."

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First published: 23 August 2019, 11:56 IST
 
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