Home » इंटरनेशनल » America: Former FBI Chief told President Trump defame me
 

हटाए जाने पर पूर्व FBI चीफ बोले- ट्रंप को मुझसे डर था

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 June 2017, 11:56 IST

अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के निदेशक पद से हटाए गए जेम्स कोमे ने अमेरिकी सीनेट खुफिया समिति के सामने अपनी गवाही में आरोप लगाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दफ्तर में पहले दिन से ही एफबीआई निदेशक यानी उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था.

उन्होंने व्हाइट हाउस पर खुद को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेहद परेशान करने वाला है. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उनके विश्वासपात्र तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के खिलाफ रूस से रिश्ता रखने की चल रही जांच को बंद करने को कहा था.

पूर्व एफबीआई निदेशक ने अपनी गवाही में कहा कि कई महीने तक कभी फोन कॉल द्वारा और कभी बैठकों में ट्रंप की यह मांग लगातार जारी रही. चूंकि कोमे की असुविधा बढ़ती जा रही थी, इसलिए राष्ट्रपति की जिद और मांग पूरी नहीं करने के साथ कोमे की कुंठा बढ़ती जा रही थी.

शुक्रवार को होने वाली कांग्रेस की सुनवाई के दौरान इस बयान को कोमे का शुरुआती बयान माना जा रहा था, लेकिन खुफिया मामलों पर सीनेट चयन समिति ने इसे बैठक से एक दिन पहले ही जारी कर दिया. इसे लेकर अमेरिकी राजनीति में भूचाल आ गया है.

अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक हाल के दशक में यह सबसे अधिक चर्चित गवाही हो सकती है. सात पन्नों की इस लिखित गवाही में कोमे के ट्रंप के साथ रहने के दौरान हुई बातचीत का विस्तृत ब्योरा है.

अमेरिका में समय पूर्व जारी इस गवाही को लेकर मचे राजनीतिक भूचाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई अमेरिकी समाचार चैनल यूएस कैपिटोल से इस सुनवाई का सीधा प्रसारण करने की योजना बना रहे हैं.

डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्के ने कहा कि कोमे का बयान बताता है कि ट्रंप कितने अयोग्य और कितने बुरे गैर कानूनी इंसान हैं. जब ट्रंप अपने एफबीआई निदेशक से उनकी वफादारी नहीं ले सके और ऐतिहासिक जांच में दखल नहीं दे पाए तो उन्होंने कोमे को पद से ही हटा डाला.

अमेरिका के डेमोक्रेटिक नेताओं ने कहा कि जेम्स कोमे की गवाही ट्रंप के निराशाजनक व्यवहार और नियम-कानून के उल्लंघन को दर्शाती है. हाउस माइनारिटी व्हिप स्टेनी एच. हायर ने मांग की कि अमेरिका के लोकतंत्र को कमजोर करने के रूसी प्रयासों तथा उसकी गहराई तक जाने के लिए संसद को एक स्वतंत्र व द्विदलीय आयोग का गठन करना चाहिए. कांग्रेस प्रतिनिधि जैकी रोजेन ने कहा कि पूर्व एफबीआई निदेशक द्वारा तैयार टिप्पणियां बेहद चिंताजनक हैं.

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि जेम्स कोमे की गवाही जारी होने के बाद व्हाइट हाउस अब बचाव की मुद्रा में आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के दफ्तर से इस बारे में कोई टिप्पणी फिलहाल नहीं आई है, जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा कि जो लोग कोमे को किसी राष्ट्रपति द्वारा उन्हें और एफबीआई को नियंत्रित की बात करते हैं वह सही हैं, क्योंकि इस विवाद के बाद नतीजतन एफबीआई निदेशक को हटा दिया गया. हालांकि इस बात को व्हाइट हाउस ने खारिज किया है.

पद से हटाए गए एफबीआई निदेशक जेम्स कोमे ने कहा कि पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूस के साथ संबंधों की जांच रोकने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग बहुत ही परेशान करने वाली थी.

कोमे ने कहा, "ट्रंप ने यह कहकर अमेरिकी जनता को गुमराह किया था कि उन्हें हटाने के बाद एफबीआई के भीतर पिछले महीने असंतोष था. कोमे ने सीनेट की खुफिया समिति में जाने से पहले अपनी गवाही में कहा कि यह सारी बातें झूठ थीं."

उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मेरे और राष्ट्रपति के बीच का संवाद बाधा डालने वाला था, बल्कि मैं इसे बेहद चिंता में डालने वाला और परेशान करने वाला मानता हूं."

First published: 9 June 2017, 10:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी