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सीरिया पर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने किया हमला, तीसरे विश्व युद्ध का बढ़ा खतरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 April 2018, 9:03 IST

अमेरिका ने सीरिया के रसायनिक हमलों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति ने सीरिया के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया है. ट्रम्प ने सीरिया पर मिसाइल हमले का आदेश दिया है. ट्रम्प ने बताया की सीरिया के खिलाफ इस युद्ध में फ्रांस और ब्रिटेन भी शामिल हैं. वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के संयुक्त हमले के बाद सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने ट्वीट किया, ''अच्छी आत्माओं को दबाया नहीं जा सकता है.''

अमेरिकी आधिकारियों ने बताया कि सीरिया के खिलाफ इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों और जलपोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस हमले में कई तरह के बमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं, रूस ने अमेरिका के मिसाइलों को मार गिराने की चेतावनी दी है.

 

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की हिमायत करने पर रूस को चेताया और कहा था कि सीरिया में असैन्य लोगों पर कथित रासायनिक हमले के जवाब में अमेरिकी मिसाइलें ‘आएंगी.’ रूस ने सीरिया पर दागी जाने वाली किसी भी या सभी मिसाइलें गिराने का संकल्प किया है. ट्रम्प ने कहा रूस के लिए कहा कि आपको गैस से हत्या करने वाले किसी वहशी का साझेदार नहीं होना चाहिए जो अपने लोगों की हत्या करता है और उसका लुत्फ लेता है.’

बता दें कि पूर्वी गोता के डुमा में हाल ही में कथित रूप से सीरिया द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर तनाव बढ़ गया. इस हमले में बच्चों सहित 74 लोग मारे गए थे. जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए सीरियाई सरकार को दोषी ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

 

ट्रंप ने कहा कि सीरिया में दूसरी बार केमिकल हथियारों का इस्तेमाल किया गया. ब्रिटेन ने कहा कि सीरिया में हमला करने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा था. राष्ट्र को संबोधन में ट्रंप ने कहा कि कुछ समय पहले मैंने अमेरिकी सुरक्षा बलों को सीरियाई तानाशाह बशर अल असद से जुड़े केमिकल हथियारों को निशाना बनाकर हमला करने का आदेश दिया था.

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अब सीरिया के खिलाफ अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य ऑपरेशन जारी है. हम इसके लिए फ्रांस और ब्रिटेन का शुक्रिया अदा करते हैं. उन्होंने कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के केमिकल हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है.

सीरियाई ठिकानों को बनाया निशाना

ज्वाइंट चीफ्स चेयरमैन जनरल जोसेफ डुनफोर्ड ने कहा कि सीरियाई सरकार के ऐसे ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे रूसी सुरक्षा बलों के साथ टकराव का जोखिम कम रहे. अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि सीरियाई सरकार ने पिछली बार केमिकल हमले के बाद की चेतावनी से सीखा नहीं, जिसके चलते इस बार उसके खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया. फिलहाल अमेरिकी हमले में सीरिया में किसी के मारे जाने की खबर नहीं हैं. वहीं, रूस ने अमेरिका के मिसाइलों को मार गिराने की चेतावनी दी है.

रूस ने कहा पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं

वहीं, रूस ने भी अमेरिका के खिलाफ सख्त तेवर अख्तियार कर लिया है. अमेरिका में रूसी दूतावास ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीरिया पर हवाई हमले से रूस और अमेरिका समेत पश्चिमी देशों के बीच टकराव होने की आशंका बढ़ गई है. अगर दोनों देशों के बीच जंग शुरू हुई, तो इसके विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं.

First published: 14 April 2018, 8:59 IST
 
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