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अमेरिका: फ्लोरिडा के गे नाइट क्लब में फायरिंग, 50 लोगों की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2016, 7:50 IST
(एजेंसी)

अमेरिका के फ्लोरिडा शहर में रविवार तड़के एक भयानक हादसा हुआ है. 29 साल के एक हमलावर ने जिसका नाम उमर मतीन बताया जा रहा है, ने समलैंगिकों के एक नाइटक्लब 'पल्स' में मौजूद लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलायीं. गोलीबारी की इस घटना में 50 लोगों के मारे जाने और 53 अन्य के घायल होने की पुष्टि की गई है. पुलिस ने बाद में हमलावर को भी मार गिराया. वह फ्लोरिडा के फोर्ट पाएर्स का रहने वाला था.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है. हमलावर उमर मतीन फ्लोरिडा का ही रहने वाला था. उसका तीन साल का एक बेटा भी है. खुफिया एजेंसी एफबीआई के मुताबिक हमलावर के इराक और सीरिया में सक्रिय कुख्यात आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं. जांच एजेंसिया इस दिशा में अभी और जांच कर रही हैं.

विस्फोटक से लैस जैकेट पहने था हमलावर

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक हमलावर ने विस्फोटकों से लैस जैकेट पहना हुआ था जिसे देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह आत्मघाती हमलावर था. पुलिस के अनुसार मतीन के माता-पिता अफगानिस्तान से आकर अमेरिका में बसे थे.

एक हैंडगन, एआर-15 राइफल और संभवत ग्रेनेड जैसे हथियारों से लैस मतीन ने तड़के दो बजे नाइटक्लब में घुसकर लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी. हमलावर एक सिक्योरिटी एजेंसी के लिए काम करता था इस वजह से उसके पास हथियार का लाइसेंस था.

गोलीबारी के बाद उसने लोगों को बंधक बनाना शुरू कर दिया. क्लब में मौजूद लोगों के अनुसार जब गोलियां चलीं तो उन्हें लगा कि यह म्यूजिक बैंड की आवाज है लेकिन तुरंत ही क्लब ने फेसबुक पर एक चेतावनी वाली पोस्ट जारी हुई कि 'पल्स' से दूर रहें और भागें.

बंधक जैसी स्थिति

इसी बीच नाइट क्लब के अंदर सुरक्षागार्ड के रूप में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने सबसे पहले हमलावर को जवाब दिया. इसके तीन घंटे बाद सुबह पांच बजे कई पुलिसकर्मी मौके पर आ गये और उन्होंने हमलावर को मार गिराया, लेकिन तब तक हमलावर वहां काफी तबाही मचा चुका था.

ऑर्लेंडो के पुलिस प्रमुख जॉन मिना ने बताया, 'कुछ देर के लिए बंधक बनाए जाने जैसी स्थिति बन गई थी. सुबह करीब पांच बजे अंदर मौजूद बंधकों को छुड़ाने का फैसला किया गया. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सभी लोग हमलावर की गोली से मारे गये या पुलिस की कार्रवाई के दौरान मारे गए.'

अमेरिकी इतिहास की क्रूरतम घटना

पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हम पूरी घटना के लिए माफी मांगते हैं. हमें बिल्कुल पता नहीं था कि वह ऐसा करने वाला है. हम पूरे अमेरिका की तरह की सदमे की स्थिति में हैं.'

मतीन ने इंडियन स्टेट कॉलज से पढ़ाई की थी और उसने क्रिमनल जस्टिस से ऐसोसिएट डिग्री हासिल की थी. राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घटना पर गहरा शोक जताया है. व्हाइट हाऊस से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'घटना में हताहत हुए लोगों और उनके परिजनों के प्रति हमारी संवदेनायें हैं.'

अमेरिका के इतिहास में यह सबसे घातक गोलीबारी मानी जा रही है. इससे पहले 2007 में वर्जीनिया टेक यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी की घटना में 32 लोग मारे गये थे.

First published: 13 June 2016, 7:50 IST
 
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