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आतंकी मसूद अजहर को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस ने UN में दिया ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2019, 9:17 IST

पुलवामा हमले के बाद से भारत के साथ आतंक के खिलाफ दुनिया के कई देश खड़े हैं, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देश भी शामिल हैं. इसी कड़ी में इन देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव दिया गया है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करें. हालांकि, इस कदम का चीन द्वारा विरोध किए जाने की संभावना जताई जा रही है. क्योंकि इससे पहले चीन ने सुरक्षा परिषद की इस्लामिक स्टेट और अलकायदा प्रतिबंध समिति को 2016 और 2017 में JeM नेता मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया था. इस प्रस्ताव को लेकर फिलहाल अभी चीन की ओर से कोई बयान नहीं आया है.



इस प्रस्ताव में संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति से अज़हर की वैश्विक यात्रा पर प्रतिबंध और संपत्ति को जब्त करने के लिए कहा है. इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया है, यदि तब तक कोई इस प्रस्ताव पर आपत्ति नहीं जताता तो अहर को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा.

मालूम हो कि भारत द्वारा 2009 में ही संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव पेश कर चुका है. इसके बाद भारत ने 2016 और 2017 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसको चीन द्वारा रोक दिया गया था. वहीं, कुछ समय पहले फ्रांस ने भी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी सूची में शामिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव भेजा था. इसे लेकर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों के कूटनीतिक सलाहकार से बातचीत भी की थी.

अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अंबेसडर जॉन बोल्टन ने अजित डोभाल से बातचीत में कहा था कि हम इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के सामने प्रस्ताव पेश हो गया. अब इस प्रस्ताव के बाद देखना ये होगा की चीन इस प्रस्ताव में अपना क्या रुख दिखाती है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करके आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा है.

अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अंबेसडर जॉन बोल्टन ने अजित डोभाल से बातचीत में कहा था कि हम इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के सामने प्रस्ताव पेश हो गया. अब इस प्रस्ताव के बाद देखना ये होगा की चीन इस प्रस्ताव में अपना क्या रुख दिखाती है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करके आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा है.

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First published: 28 February 2019, 9:17 IST
 
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