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अमेरिका की पाकिस्तान को नसीहत, आतंकी समूहों पर हो सख्त कार्रवाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2016, 15:37 IST
(एजेंसी)

अमेरिका ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह उन सभी आतंकी समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, जिसे वो अपने लिए खतरा मानता है.

इसके अलावा अमेरिका की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान को उन आतंकी समूहों के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए, जो पड़ोसियों को निशाना बना रहे हैं.

अमेरिका ने सार्क के मंत्री स्तरीय सम्मेलन में भारत के रुख का साफ तौर से समर्थन भी किया है. इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने गुरुवार को कहा, "पाकिस्तान सरकार के उच्च स्तरीय अधिकारियों को हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें पड़ोसी देशों पर हमला करने वाले आतंकी समूहों समेत सभी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी. उन्हें आतंकियों की पनाहगाहों को भी समाप्त करना होगा."

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने प्रगति की है, लेकिन वह चुनिंदा समूहों पर ही कार्रवाई कर रहा है. हम चाहते हैं कि वह सभी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करे और जैसा कि मैंने कहा उन सभी के खिलाफ कार्रवाई करे जिनसे खुद पाकिस्तान को भले ही खतरा नहीं हो, लेकिन जो उसके पड़ोसियों के लिए खतरा पैदा करते हों."

भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के सार्क सम्मेलन में शरीक होने के लिए इस्लामाबाद पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर टोनर ने कहा, "हमारा निश्चित तौर पर यह मानना है कि पाकिस्तान को उसकी धरती पर सक्रिय आतंकवादियों से मुकाबला करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए. इस मामले में उसने प्रगति की है लेकिन हम चाहते हैं कि उसके स्तर पर प्रयासों को और बढ़ाया जाए."

इस्लामाबाद में गृह मंत्री स्तर के सार्क सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था, "आतंकवाद और आतंकवादियों की निंदा कर देना काफी नहीं होगा और कोई भी ‘अच्छा आतंकवादी और बुरा आतंकवादी नहीं होता". उन्होंने पाकिस्तान से दो-टूक कहा था, "वह आतंकी समूहों को बढ़ावा नहीं दे और आतंकियों का ‘महिमामंडन’ भी नहीं करे."

सार्क सम्मेलन के बारे में पूछे जाने पर टोनर ने कहा, "एक ऐसे मंच का होना महत्वपूर्ण है, जहां देश चिंताओं और मतभेदों वाले क्षेत्रों में ‘स्पष्ट बात’ रख सकें." भारत और पाकिस्तान में आतंकी खतरे से निबटने के लिए उन्होंने दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग की भी वकालत की.

उन्होंने कहा, "आतंक निरोध प्रयासों में हम उस किस्म की क्षेत्रीय वार्ता को बढ़ावा देते हैं. हम करीबी सहयोग की वकालत करते हैं खासकर भारत और पाकिस्तान के बीच ताकि दोनों देशों में आतंकी खतरों से निबटा जा सके."

उन्होंने दोनों देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील करते हुए कहा, "यह सच है कि दोनों देश निश्चित तौर पर आतंकवाद से प्रभावित हैं, इसका मजबूती से मुकाबला करने के लिए उन्हें साथ काम करने की जरूरत है. हम लंबे समय से इस बात का समर्थन करते आए हैं."

रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने कांग्रेस को यह प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई कर रहा है, जिसके चलते पेंटागन ने पाकिस्तान को 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सैन्य मदद रोक दी थी.

पेंटागन के इस फैसले पर एक सवाल का जवाब देते हुए टोनर ने कहा, "हमने पाकिस्तान सरकार से अफगानिस्तान को आतंक के खिलाफ सहयोग देते हुए क्षेत्र की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक खतरा पैदा करने वाले सभी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है."

उन्होंने कहा, "हम मानते हैं कि पाकिस्तान ने कार्रवाई की है और वह आतंकी हिंसा पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई कर भी रहा है और वह निश्चित ही उन समूहों पर ध्यान दे रहा है, जो पाकिस्तानी लोगों और देश की स्थिरता के लिए खतरा हैं."

First published: 5 August 2016, 15:37 IST
 
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