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सेक्स वर्क को गैर-आपराधिक घोषित किया जाएः एमनेस्टी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 May 2016, 14:00 IST

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने वयस्क यौन कर्म (सेक्स वर्क) को गैर-आपराधिक घोषित किए जाने की आधिकारिक मांग की है. 

संस्था के अनुसार जहां यौन कर्म को 'आपराधिक' कृत्य माना जाता है, वहां यौन कर्मियों के मानवाधिकार का उल्लंघन होता है.

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एमनेस्टी के इस नीतिगत फैसले की जानकारी  देते हुए संस्था के सीनियर डायरेक्टर (कानून एवं नीति) तवांडा मुतासाह ने कहा, "यौन कर्मियों पर बलात्कार, हिंसा, छिनैती और भेदभाव इत्यादि हर तरह के मानवाधिकार हनन का खतरा बना रहता है."

उन्होंने कहा कि यौन कर्मियों को पुलिस या कानून से न के बराबर सुरक्षा मिलती है. मुतासाह ने कहा, "हम चाहते हैं कि सरकारें इस बात की ताकीद करें कि किसी को यौन कर्म में लिप्त न होने के लिए मजबूर न किया जाए और जो लोग यौन कर्म छोड़ना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने से रोका न जाए."

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एमनेस्टी ने गुरुवार को अर्जेंटीना, हॉन्गकॉन्ग, नार्वे और पापुआ न्यू गिनी के यौन कर्मियों पर किए गए एक अध्ययन की रिपोर्ट जारी की. एमनेस्टी की रिपोर्ट के अनुसार इन देशों में यौन कर्मियों को पुलिस से न के बराबर सुरक्षा मिलती है.

एमनेस्टी ने ये भी साफ किया है कि यौन कर्मी की सेवा लेने या किसी दूसरे से यौन कर्म करवा कर लाभ कमाने (दलाली) को संस्था मानवाधिकार नहीं मानती. 

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एमनेस्टी से पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र एड्स कार्यक्रम यूएनएड जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी यौन कर्म को गैर-आपराधिक घोषित किए जाने की मांग रख चुकी हैं. 

चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिष्ठित जर्नल लैंसेट ने भी यौन कर्म को गैर-आपराधिक बनाए जाने का समर्थन किया है. 

फ्रांस ने अप्रैल में यौन सेवाएं खरीदने को अपराध घोषित किया. उत्तरी आयरलैंड, कनाडा, स्वीडेन, नार्वे और आइसलैंड जैसे देशों में पहले से ही यौन सेवा खरीदना अपराध है.

First published: 27 May 2016, 14:00 IST
 
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