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चीन-पाकिस्तान की दोस्ती दांव पर, पाकिस्तानियों के भीतर लगातार बढ़ रहा है गुस्सा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 November 2018, 13:24 IST

पाकिस्तान के नागरिकों के मन में चीन को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है जिसकी वजह से दोनों देशों की दोस्ती दांव पर लग गई है. यह इससे भी स्पष्ट होता है कि इसी साल एक आत्मघाती हमलावर ने चीनी इंजीनियरों को ले जा रही बस पर बलूचिस्तान के चाघी जिले में हमला किया था. हालांकि हमले में हमलावर की ही मौत हो गई थी.

हमले में तीन चीनी इंजीनियर और तीन सुरक्षाकर्मी भी जख्मी हुए थे. इस हमले में पाकिस्तान ने बीएलए यानी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का हाथ बताया था. गौरतलब है कि बलूच अलगाववादी बलूचिस्तान प्रांत में चीनी निवेश का विरोध कर रहे हैं.

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वहीं पिछले हफ्ते बलूचिस्तान से बाहर कराची में जो हमला हुआ, उसे लेकर कहा जा रहा है कि बलूच अलगावादियों ने इस तरह का हमला बलूचिस्तान से बाहर पहली बार किया है. यह हमला कराची में सिंध प्रांत के पास किया गया. पिछले हफ्ते कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था. इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि बलूच अलगाववादी पहले से और ज्यादा खतरनाक हुए हैं. पहले ये आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल नहीं करते थे.

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बलूच अलगाववादी चीनी अधिकारियों के बीच डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं. इसमें वे कामयाब भी हुए हैं. भविष्य में भी इस तरह के हमले हो सकते हैं. पाकिस्तान के भीतर चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की सुरक्षा को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.

दुनियाभर के देशों में पाकिस्तान और चीन के संबंधों की बात किसी से छिपी नहीं है. दोनों देशों का मीडिया भी भाईचारा के रूप में दोनों देशों की दोस्ती को दिखाता रहता है. लेकिन चीन भी पाकिस्तान में अपनी सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंतित रहा है. पहले भी धार्मिक अतिवादियों और बलूचिस्तानी अलगाववादियों ने चीनी नागरिकों को निशाना बनाया है.

First published: 29 November 2018, 13:12 IST
 
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