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पाकिस्तान में अनूप जलोटा ने उर्दू में सुनार्इ 'भगवद्गीता', सुनने पहुंचे 50 हजार दर्शक

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2017, 13:43 IST

भारत के प्रमुख भजन गायक अनूप जलोटा ने कसम खाई थी कि वे कभी भी पाकिस्तान में प्रस्तुति नहीं देंगे. लेकिन अब इस मशहूर गायक ने अपनी कसम तोड़ दी है और पडोसी मुल्क पाकिस्तान में परफॉर्म करने पहुंच गए हैं.

अनूप जलोटा ने हाल ही में पाकिस्तान में 'भगवद्गीता' के श्लोकों का उर्दू में अनुवाद सुनाया. अनूप ने इस बारे में कहा कि यह विश्व को कुरुक्षेत्र में बदलने से रोकने का उनका प्रयास है. अनूप जलोटा ने बातचीत में कहा , "भगवद् गीता के पास जीवन का उत्तर है. मुझे लगा कि मूल्यों का प्रचार आवश्यक है. एक संगीतकार के रूप में, बड़ा उद्देश्य शांति, सामंजस्य और प्रेम है और भगवद् गीता सभी का प्रतीक है. जब उर्दू में उर्दू बोलने वाले दर्शकों तक संगीत पहुंचाया जाता है, तो आप स्थानांतरित होते हैं, यह आपको बदलता है."

अनूप जलोटा ने आगे कहा  "मैंने पाकिस्तान में कई व्यावसायिक गजल शो करने से इनकार किया, लेकिन भजन और भगवद्गीता की प्रस्तुति से 50,000 लोगों को आकर्षित करना मेरे लिए विश्व शांति में विनम्र योगदान की शुरुआत है." उन्होंने आगे कहा कि मैं रवैये और मनोदशा में बदलाव चाहता हूं. कम से कम मैं एक संगीतकार के रूप में दुनिया को कुरुक्षेत्र में बदलने से रोक सकता हूं.

बता दे अनूप जलोटा ने इस सप्ताह के शुरुआत में सिंध के सतनाम आश्रम में प्रस्तुति दी. अनूप ने बताया , "भारत ने हमेशा पाकिस्तानी संगीतकारों का स्वागत किया है. मेरा मानना है कि पाकिस्तान की समान नीति होनी चाहिए और इससे शांति और सामंजस्य बनाने में मदद मिलेगी. मैंने इस्लामिक देशों में उर्दू में भगवद् गीता को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया."

 अनूप ने आगे कहा "पाकिस्तान के सिंध में एक सतनाम आश्रम एक आध्यात्मिक स्थान है. पिछले कई वर्षों से, वे भारत आ रहे हैं और मुझे उनके लिए गाने के लिए आमंत्रित करते हैं. मैं पिछले साल तक पाकिस्तान जाने से खुद को रोक रहा था. यह समय है कि इस्लामिक राष्ट्रों की यात्रा करें और देशों में भगवद् गीता का सार फैलाएं."

First published: 27 October 2017, 13:43 IST
 
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