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'म्यांमार वापस आने के लिए रोहिंग्या मुसलमानों को कराना होगा रिफ्यूजी वेरिफिकेशन'

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 September 2017, 13:11 IST

म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने मंगलवार को रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर पहली बार चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने इस मामले में दुनिया भर में हो रही आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है.

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में आंग सान सू ची ने कहा कि म्यांमार मामले में किसी तरह के अंतरराष्ट्रीय दवाब में नहीं आएगा. उन्होंने रखाइन प्रांत में अराकान इलाक़े में रह रहे कुछ रोहिंग्या मुसलमानों पर हुई कार्रवाई को सही करार दिया है.

 

आंग सान सू ची ने कहा कि रखाइन प्रांत में फैली हिंसा में जिन तमाम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उनके लिये मैं दिल से दुख महसूस कर रही हूं. उन्होंने कहा कि जो लोग म्यांमार में वापस आना चाहते हैं, हम उनके लिए हम रिफ्यूजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

सू ची ने अपने भाषण में कहा कि कई महीनों की शांति के बाद 25 अगस्त को सुरक्षाबलों पर हथियार बंद गुट ने हमला कर दिया. सरकार ने जांच में इस आतंकी हमले के लिए रोहिंग्या और उनके समर्थकों का हाथ पाया. हम किसी भी तरह के मानवाधिकार उल्लंघन का विरोध करते हैं और सुरक्षा बलों को इन आतंकियों पर कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने आग कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि इस वक़्त पूरी दुनिया हम पर नज़र रखे हुए है. जैसा कि मैंने पिछली बार यूएन आम सभा में कहा था कि एक ज़िम्मेदार सदस्य देश होने के नाते हम यहां रहने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा, शांति और विकास कार्यों को करते रहेंगे.

सू की अपने भाषण में ऐसे किसी भी ‘‘मानवाधिकार उल्लंघन’’ की निंदा की जिससे इस संकट में इजाफा हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘हम यह सुनकर चिंतित हैं कि अनेक मुस्लिमों ने पलायन कर बांग्लादेश में शरण ली है.’’

सू की ने कहा कि हमने रखाइन स्टेट में शांति स्थापित करने के लिए केंद्रीय कमेटी बनाई है. इस कमीशन की अगुवाई करने के लिए हमने डॉ. कोफी अन्नान को आमंत्रित किया है. हम इस क्षेत्र में शांति और विकास के लिए काम करते रहेंगे.

क्या हैरोहिंग्या विवाद ?
रोहिंग्या समुदाय 12वीं सदी के शुरुआती दशक में म्यांमार के रखाइन इलाके में आकर बस तो गया, लेकिन स्थानीय बौद्ध बहुसंख्यक समुदाय ने उन्हें आज तक नहीं अपनाया है. 2012 में रखाइन में कुछ सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद रोहिंग्या और सुरक्षाकर्मियों के बीच व्यापक हिंसा भड़क गई. तब से म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा जारी है.

First published: 19 September 2017, 13:11 IST
 
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