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अजहर मसूद: मुझे पकड़ने के लिए भारत ने तालिबान को की थी पैसे की पेशकश

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(एजेंसी)

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर ने दावा किया है कि उसे सौंपने के बदले तालिबान सरकार को भारत ने धन देने का प्रस्ताव दिया था.

1999 में काठमांडू से अपहृत आईसी-814 विमान के यात्रियों के रिहाई के बदले अजहर को भारत सरकार ने रिहा किया था.

जैश के सरगना मसूद अजहर ने दावा किया है कि भारत की ओर से यह कथित प्रस्ताव तत्कालीन एनडीए सरकार के विदेश मंत्री जसवन्त सिंह के द्वारा तत्कालीन तालिबान चीफ अख्तर मोहम्मद मंसूर को किया गया था.

मसूद ने जिस मंसूर का जिक्र किया है, वह पिछले महीने ही अमेरिकी ड्रोन हमले में पाकिस्तान की सीमा में मारा गया है. कंधार विमान के अपहरण के समय मंसूर तालिबान के इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान का नागरिक उड्डयन मंत्री हुआ करता था.

'मसूद के आरोप निराधार'

अजहर ने यह दावा मंसूर की मौत की सूचना देते हुए अपने उपनाम सैदी के जरिए ऑनलाइन पोस्ट में किया है. यह पोस्ट साप्ताहिक अल-कलाम के 3 जून के अंक में छपा है. अल-कलाम को जैश-ए-मोहम्मद का ऑनलाइन मुखपत्र माना जाता है.

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक 1999 में विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के मुुखिया रहे तत्कालीन राजनयिक विवेक काटजू कहते हैं, "मसूद के सारे आरोप निराधार हैं. घटना के समय मैं जसवन्त सिंह के साथ ही था."

गौरतलब है कि विवेक काटजू अपहृत यात्रियों के बदले आतंकियों को छोड़ने वाले मामले में एक मध्यस्थ रहे हैं. वहीं उस समय कंधार एयरपोर्ट पर मौजूद रॉ के एक अधिकारी आनन्द ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जहां तक मुझे याद है, मंसूर की जसवन्त सिंह से कोई मुलाकात नहीं हुई थी.

First published: 6 June 2016, 11:36 IST
 
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