Home » इंटरनेशनल » bangladesh govt request indian govt to provide all the information about zakir naik
 

बांग्लादेश सरकार ने भारत से मांगा जाकिर नाइक का पूरा ब्यौरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2016, 14:40 IST
(एजेंसी)

बांग्लादेश ने विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के बारे में भारत सरकार से जानकारी मुहैया कराने की गुजारिश की है. हालांकि उसने यह भी कहा है कि पिछले महीने हुए गुलशन हमले के काफी पहले से कई प्रतिष्ठित उलेमा नाइक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.

भारत की छह दिवसीय यात्रा पर आए बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनू ने कहा कि उनके देश ने कार्रवाई करते हुए नाइक के ‘पीस टीवी’ का प्रसारण बांग्लादेश में प्रतिबंधित कर दिया है. इनू ने परोक्ष तौर पर संकेत दिया कि अब उन्हें विवादित उपदेशक के खिलाफ भारत की कार्रवाई का इंतजार है.

उन्होंने कहा कि उनके देश के पास बांग्लादेशी सीमा में पनपे आतंकवादियों और भारत में मौजूद चरमपंथी संगठनों के बीच संबंधों का कोई साक्ष्य नहीं है, लेकिन साथ ही उन्होंने ‘आतंकवादियों को शरण देने’ के लिए पाकिस्तान की आलोचना भी की.

बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में चिंतकों, ब्लॉगर्स और सूफी पंथ के लोगों पर 43 से ज्यादा हमले हुए हैं. जांच में यह बात सामने आई है कि करीब 90 फीसदी मामलों में हमलावर प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से जुड़े हुए हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान जमात-ए-इस्लामी संगठन पाकिस्तान के पक्ष में लड़ रहा था.

इनू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "बांग्लादेश की ओर से जाकिर नाइक का मामला समाप्त हो गया है. हमने ‘पीस टीवी’ का प्रसारण रोक दिया है. पिछले एक वर्ष में उलेमाओं ने नाइक के खिलाफ लिखित शिकायत की है. हम उनकी जांच कर रहे हैं. हमें लगता है कि कुछ मामलों में उनके उपदेश कुरान से मेल नहीं खाते हैं. इसलिए, उससे भ्रम पैदा हो रहा है."

उन्होंने कहा, "कुछ मामलों में वह भड़काऊ हैं, इसलिए हमने अपना फैसला लिया है. हमने भारतीय पक्ष से अपना फैसला लेने और हमें जरूरी सूचनाएं मुहैया कराने को कहा है."

बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनू ने जोर देते हुए कहा कि उनके देश में यह आतंकवादी नेटवर्क घर में ही पनपा है.

ढाका के गुलशन डिप्लोमैटिक इलाके में स्थित होली आर्टिसन बेकरी पर एक जुलाई को हुए हमले के बाद बांग्लादेश ने नाइक के ‘पीस टीवी’ पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस हमले में एक भारतीय युवती समेत 29 लोग मारे गए थे.

First published: 20 August 2016, 14:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी