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बेनज़ीर भुट्टो की बेटी ने एहतराम-ए-रमजान क़ानून को बताया बकवास

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 May 2017, 15:30 IST
benazir bhutto

पाकिस्तानी की दिवंगत पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो की बेटी बख्तावर भुट्टो जरदारी ने रमजान में पानी पीने पर सजा देने की कड़ी आलोचना की है.

बख्तावर भुट्टो ने इस मामले में ट्वीट किया, "रोज़े रखना इस्लाम की पांच बुनियादी चीज़ों में से एक है. यह एक अहम जिम्मेदारी है. लेकिन ये कैसा क़ानून है जहां आपके आस-पास मौजूद लोगों को गिरफ्तार करके सज़ा दी जाती है. ये इस्लाम में नहीं है."

बख्तावर भुट्टो के भाई बिलावल भुट्टो विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष हैं. बख्तावर ने उस एहतराम-ए-रमजान कानून की आलोचना की है, जिसे पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह और उनके नाना को फांसी पर लटकाने वाले जनरल जिया-उल-हक ने साल 1981 में लागू किया था.

इस कानून के अनुसार रमजान में सार्वजनिक रूप से खाने-पीने पर तीन महीने जेल तक की सजा हो सकती है. पाक सरकार ने पिछले हफ्ते इस कानून को और कड़ा बनाते हुए इसमें आर्थिक दंड का भी प्रावधान लागू कर दिया.

बख्तावर भुट्टो ने ट्वीट किया, "रमजान में पानी पीने के लिए तीन महीने की जेल, लेकिन एक आतंकवादी स्कूली लड़की मलाला पर जानलेवा हमला कर सकता है और टीवी पर मुस्कराता हुए दिख सकता है."

बख्तावर इस बात की तरफ संकेत कर रही थीं कि पाकिस्तान में मलाला यूसुफजई को गोली मारने के आरोप में किसी को भी सजा नहीं हुई है. रमजान में मुसलमान रोजा रखते हैं और सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी नहीं खाते-पीते.

पाकिस्तान सरकार ने 1981 के कानून में बदलाव करते हुए रमजान के दौरान खुलेआम नशा करने या खाने-पीने पर 500 पाकिस्तानी रुपये जुर्माना और जेल की सज़ा का प्रावधान किया है. नए क़ानून में रमजान के दौरान इस कानून को तोड़ने वाले होटलों और रेस्तरां पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया.

नए कानून के अनुसार इस कानून को तोड़ने वाले टीवी चैनलों और सिनेमा हॉलों पर 50 हजार रुपये या उससे भी अधिक जुर्माना लगाया जा सकता है.

First published: 13 May 2017, 15:30 IST
 
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