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बोको हरमः पांच में से एक आत्मघाती हमलावर नाबालिग और तीन चौथाई लड़कियां

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 12 April 2016, 23:14 IST

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि पिछले साल बोको हरम द्वारा आत्मघाती दस्ते के रूप में बच्चों के इस्तेमाल किए जाने की घटनाएं 10 गुना बढ़ गई है.

यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक इस इस्लामी समूह द्वारा किए जाने वाले तकरीबन हर पांच में से एक फिदायीन हमले बच्चों द्वारा किए जाते हैं. यह बच्चे ड्रग के नशे में होते हैं. यूनीसेफ द्वारा एक और बड़ा खुलासा यह भी किया गया कि इन फिदायीन हमलावरों में शामिल बच्चों में से 75 फीसदी लड़कियां होती हैं.

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बोको हरम द्वारा क्षेत्र की 276 स्कूली लड़कियों को अगवा किए जाने के दो साल बाद बियॉन्ड चिबॉक नामक यह रिपोर्ट जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि बीते एक साल में नाइजीरिया, कैमरून, चाड और नाइजर में हुए फियादीन हमलों में शामिल बच्चों की संख्या चार से 44 पहुंच गई है.

Boko_Haram_Mohammed Elshamy/Anadolu Agency/Getty Images

इस रिपोर्ट के आंकड़े यह भी बताते हैं कि बीते दो वर्षों से फरवरी 2016 तक कैमरून में कुल 21 हमले हुए जिनमें बच्चे शामिल थे. जबकि नाइजीरिया में हुए 17 और चाड में हुए दो आत्मघाती हमलों में भी बच्चों का इस्तेमाल किया गया था. 

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यह भी बताया गया है कि बीते दो सालों में बोको हरम द्वारा करीब 2,000 लड़कियों का अपहरण किया गया है जिनका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए, सेक्स गुलाम और लड़ाकों के रूप में किया जाता है.

रिपोर्ट की मानें तो बोको हरम द्वारा आत्मघाती हमलावरों के रूप में बच्चों के इस्तेमाल से नाइजीरिया समेत आसपास के संघर्ष वाले इलाकों में डर और संदेह का माहौल बन गया है. परिणामस्वरूप इस आतंकी संगठन से बचकर भागने में कामयाब या फिर छोड़ दिए गए बच्चों को अक्सर सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देखा जाता है.

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यूनीसेफ में पश्चिम और मध्य अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक मैनुएल फॉन्टेन कहते हैं, "मैं स्पष्ट करना चाहूंगाः यह बच्चे पीड़ित हैं, अपराधी नहीं. नाइजीरिया और पड़ोसी मुल्कों में हिंसा का सबसे भीषण पहलू यह है कि इन जानलेवा गतिविधियों के लिए बच्चों को या तो धोखा दिया गया या फिर उनसे जबरन करवाया गया."

यूनीसेफ की मानें तो आतंकी समूह की कैद और यौन हिंसा से बच निकलीं लड़कियों में छाए डर के माहौल ने एक विनाशकारी प्रभाव डाला है. जबकि बोको हरम द्वारा की गई यौन हिंसा के परिणामस्वरूप जन्म लेने वाले बच्चों को उनके गांवों में अक्सर भेदभाव का शिकार होना पड़ता है. 

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जब से यह हिंसा शुरू हुई है करीब 13 लाख बच्चों को विस्थापित किया गया और 1,800 स्कूल को लूटने, नष्ट करने के साथ बंद कर दिया गया या फिर विस्थापितों के लिए आश्रय के रूप में इस्तेमाल किया गया.

First published: 12 April 2016, 23:14 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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