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ब्रेग्जिटः थोड़ी खुशी और बड़ा नुकसान

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 24 June 2016, 15:36 IST
QUICK PILL
150,000

यूरोपीय शरणार्थी 2004 में ए8 मुल्कों के जुड़ने के बाद से ब्रिटेन में पहुंचे

शुक्रवार का दिन एक ऐतिहासिक फैसले का गवाह बना. बेहद नजदीकी मुकाबले में ब्रिटेन की जनता ने यूरोपीय संघ को छोड़ने का मत दिया. इस जनमतसंग्रह में करीब 5 करोड़ लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया.

ब्रेग्जिट से होने वाले सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को लेकर जारी अटकलें पहले से ही तूफान मचा रही हैं. सेंसेक्स नीचे गिर चुका है, रुपये की कीमत गिर चुकी है और पाउंड की कीमत 31 सालों के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है. 

सवाल उठ रहे हैं कि क्या कैमरन के इस्तीफा देने के बाद ब्रिटेन मंदी के दौर में पहुंच जाएगा? आने वाले भविष्य में इस फैसले का नतीजा क्या होंगा? हकीकत का एक पहलू यह भी है:

150,000

  • है यूरोपीय शरणार्थियों की संख्या जो 2004 में ए8 मुल्कों के जुड़ने पर ब्रिटेन में पहुंच गए.
  • यह भी आरोप लगा है कि इतनी भारी तादाद में लोगों के आने से मकानों पर दबाव, मजदूरी की दर में कमी और स्थानीय लोगों से रोजगार छिन गए.
  • ब्रेग्जिट के साथ यूरोपीय शरणार्थियों को नए इमिग्रेशन सिस्टम को मानना पड़ेगा. यह योग्यता, कौशल और पूंजी पर आधारित है और संभवत: इससे नए शरणार्थियों के ब्रिटेन में घुसने की दर कम हो जाएगी.

  • ब्रेग्जिट के पीछे शरणार्थियों की आवक को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है. इसे कुछ राजनीतिक गुट शह दे रहे थे. वे यह भूल गए कि ब्रिटेन की जनसंख्या उम्रदराज होती जा रही है और कुशल और अर्धकुशल शरणार्थी अर्थव्यवस्था के लिए एक उम्मीद की तरह हैं.

18
लाख

  • है यूरोप में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों की संख्या.
  • इनमें से स्पेन और आयरलैंड में 4 लाख, फ्रांस में 1 लाख 75 हजार और जर्मनी में 1 लाख 50 हजार लोग शामिल हैं.
  • यूरोपीय सदस्यता से उन्हें ज्यादा बड़े रोजगार बाजार, ज्यादा आय और उच्च गुणवत्तायुक्त जीवन जैसे फायदे मिलते हैं.

700-800
करोड़

पाउंड

  • है यूरोपीय संघ के बजट में 2014 से लेकर 2020 तक प्रतिवर्ष ब्रिटेन का अनुमानित योगदान.
  • यह रकम प्रतिवर्ष ब्रिटेन के जीडीपी का 0.5 फीसदी है. 
  • इसके अलावा यूरोपीय संघ ने कृषि मूल्यों में कर और कोटा लगाकर 2012 से अब तक 18.6 फीसदी की बढ़त बना दी है. ब्रिटेन यूरोपीय संघ द्वारा आयातित कृषि उत्पादन पर लगाई गई इन दरों को कम कर सकता है और इससे उपभोक्ताओं की आय  भी बढ़ सकती है.
  • निश्चित रूप से यह ब्रिटेन के लिए एक उम्मीद की किरण बनने जा रही हैं.

98.90
करोड़

पाउंड

  • वह वार्षिक रकम है जो उत्तरी आयरलैंड और वेल्स को कृषि सहायता और विकास के लिए 2014 से लेकर 2020 तक यूरोपीय संघ से मिलने की उम्मीद है.
  • यह दोनों देश यूरोपीय संघ के 'सबसे कम विकसित' क्षेत्रों की श्रेणी में आते हैं.
  • वेल्स जिसे प्रतिवर्ष 83.80 करोड़ पाउंड मिलने थे, ने ब्रेग्जिट के पक्ष में मतदान किया है जबकि उत्तरी आयरलैंड जिसे 15.10 करोड़ पाउंड मिल सकते थे, ने बाकी के पक्ष में मत दिया.

सवाल खड़ा होता हैः क्या लंदन इनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकेगा?

50
फीसदी

  • है ब्रिटेन का विदेशी निवेश जो यूरोपीय संघ से आता है.
  • अब यूरोपीय संघ की एफडीआई की ब्रिटेन की जीडीपी में 30 फीसदी की हिस्सेदारी है.
  • सेंटर फॉर यूरोपियन रिफॉर्म, "यूरोपीय संघ को छोड़ना, ब्रिटेन से यूरोपीय संघ के बाजार में अपने उत्पाद बेचने की सोचने वाली कंपनियों के लिए, यूनाइडेट किंगडम को निवेश के लिए कम आकर्षक स्थान बना देगा. वह भी तब जब ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के साथ विस्तृत मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार हो." 
  • ब्रिटेन की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री के निशान और जगुआर लैंड रोवर जैसे दोनों बड़े निवेशकों ने यह संकेत दिए हैं कि ब्रेग्जिट से मैन्युफैक्चरिंग बेस के रूप में ब्रिटेन का आकर्षण कम हुआ है.
  • इसके अलावा यूरोपीय संघ के साथ ब्रिटेन के व्यापार में घाटा भी है, इसकी वजह से ब्रिटेन ईयू से बाहर निकलने के लिए अपनी शर्तें नहीं थोप सकता. ईयू से जुड़ने या निकलने के लिए कम से कम 27 सदस्यों की सहमति जरूरत होती है, इनमें से कुछ घाटे में हैं तो कुछ मुनाफे में.

शुक्रवार को आए जनमत से यह साफ है कि ब्रिटेन ने खोया ज्यादा है और पाया कम. और हां, जिस शरणार्थी समस्या को ब्रिटेन के ईयू से बाहर होने का कारण माना जा रहा है वह एक भ्रम है.

First published: 24 June 2016, 15:36 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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