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ब्रिटेन: प्रथम विश्व युद्ध के 6 बहादुर भारतीयों की डिजिटल आर्काइव में दास्तां

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 June 2016, 16:57 IST
(एजेंसी)

प्रथम विश्वयुद्ध के 100 साल पूरे होने पर ब्रिटेन की सरकार ने एक नया डिजिटल लेखागार शुरू किया है, जो उस युद्ध की कहानियों को संरक्षित करने का काम करेगी.

प्रथम विश्वयुद्ध की इन कहानियों के डिजिटलीकरण में छह भारतीय सिपाहियों की वीरता का भी उल्लेख है. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान युद्ध मैदान में सर्वोच्च साहस दिखाने के लिए 11 बाहरी देशों के 175 जवानों को ब्रिटेन ने अपने सर्वोच्च सम्मान विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित किया था.

इनमें अविभाजित भारत के भी छह सैनिक थे, जो ब्रिटिश इंडियन आर्मी के तहत युद्ध लड़े थे.

राष्ट्रमंडल कार्यालय के मंत्री ह्यूगो स्वायर ने कहा, "स्मृति पट्टिकाओं पर छपे हर नाम के पीछे एक असाधारण वीरता की कहानी है. यह अच्छा है कि हम विक्टोरिया क्रॉस पाने वाले विदेशी विजेताओं की कहानियों को एक साथ डिजिटल लेखागार में लाकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं."

उन्होंने कहा, "ऐसा करके हम यह संदेश दे रहे हैं कि इन जवानों के द्वारा और इनके देशों के द्वारा प्रथम विश्व युद्ध में अहम भूमिका निभाने के लिए ब्रिटेन के लोग कभी नहीं भूलेंगे."

नए डिजिटल लेखागार में अविभाजित भारत के रिसालदार बदलू सिंह, सिपाही छत्ता सिंह, नायक दरवान सिंह नेगी, राइफलमैन गब्बर सिंह नेगी, लांच दफादर गोबिंद सिंह और लांस नायक लाला के युद्ध वीरता की कहानियां शामिल हैं.

इन सभी को ब्रिटेन की ओर से युद्धक्षेत्र में ‘विशिष्ट बहादुरी’ के लिए 'विक्टोरिया क्रॉस' से सम्मानित किया गया था.

गौरतलब है कि पहले विश्वयुद्ध में ब्रिटेन के उतरने के 100 साल अगस्त 2014 में पूरे हो गए थे. ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरन ने अक्तूबर 2012 से चल रहे इस स्मृति समारोह का उद्घाटन किया था.

First published: 22 June 2016, 16:57 IST
 
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