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इस देश का आखिरी स्वतंत्र अख़बार सरकार समर्थक कारोबारी ने खरीदा, पत्रकारों ने दिया इस्तीफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 May 2018, 12:51 IST

कम्बोडिया के कई वरिष्ठ पत्रकारों ने देश के सबसे बड़े स्वतंत्र अख़बार नोम पेन्ह पोस्ट को छोड़ दिया है. पत्रकारों का कहना है कि उन्होंने पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए ऐसा किया है. इस खबर के बाद पूरी दुनिया में मीडिया की स्वतंत्रता पर फिर से बहस होने लगी है. दरअसल कंबोडिया के आखिरी स्वतंत्र दैनिक के रूप में पहचाने जाने वाले अख़बार नोम पेन्ह पोस्ट को मलेशियाई व्यवसायी को बेच दिया गया है.

सबसे ख़ास बात यह है कि अख़बार को खरीदने वाले मलेशियाई निवेशक के कंबोडियाई प्रधानमंत्री से कारोबारी सम्बन्ध हैं. अंग्रेजी भाषा के अख़बार, द नोम पेन्ह पोस्ट ने रविवार को बिक्री की सूचना दी. इस सौदे के बाद कम्बोडिया में भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं. अख़बार के नए मालिक शिवकुमार गणपति एक पीआर फर्म के निदेशक भी हैं, जिन्होंने कंबोडियन सरकार के लिए भी काम किया है.

नोम पेन्ह पोस्ट पूर्व ऑस्ट्रेलियाई मालिक बिल क्लॉ ने शनिवार को पेपर की बिक्री की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि अख़बार का विज्ञापन राजस्व लगातार गिर रहा था जिस कारण उन्होंने ऐसा किया. हालांकि बीते सोमवार की शाम को समाचार पत्र पर काम कर रहे पत्रकारों ने कहा कि अख़बार के मुख्य संपादक को नए मालिक के किमसॉन्ग को निकाल दिया, क्योंकि संपादक एक लेख हटाने को तैयार नहीं थे. जिसके बाद दूसरे पत्रकारों ने भी इस्तीफा दे दिया.

इसके बाद 13 संपादकों और पत्रकारों ने अख़बार से इस्तीफ़ा दे दिया. ये वही पत्रकार थे जिन्होंने अपनी स्वतंत्र रिपोर्टिंग के जरिये अख़बार की प्रतिष्ठा बनाई और सरकार को भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दों पर जमकर घेरा.  इससे पहले कम्बोडिया में एक अंग्रेजी-भाषी अखबार कंबोडिया डेली को सरकार ने एक महीने के लिए 6.3 मिलियन डॉलर के टैक्स का निपटारा करने को कहा था, जिसके बाद अख़बार पिछले साल बंद कर दिया गया.

अब कम्बोडिया में एक तीसरा अंग्रेजी अख़बार खमेर टाइम्स है जिसका स्वामित्व मलेशियाई व्यक्ति के पास है. यह एक सरकार समर्थक है. अब सबसे बड़े अख़बार को खरीदने वाले गणपति एशिया पब्लिक रिलेशंस कंसल्टेंट्स के प्रबंध निदेशक हैं, जिसका मुख्यालय कुआलालंपुर में है. 

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First published: 9 May 2018, 15:18 IST
 
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