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अगले साल से बच्चे नहीं देख पाएंगे पोर्न वेबसाइटें

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2016, 18:15 IST

बच्चों को पोर्न वेबसाइटें देखने से रोकने के लिए ब्रिटेन सरकार एक नया कानून ला रही है. द इंडिपेंडेंट में छपी खबर के मुताबिक ब्रिटेन में अगले वर्ष यानी 2017 से नया डिजिटल इकोनॉमी बिल लागू होने वाला है.

इसके अंतर्गत सरकार ने अपनी योजना पेश की है जिसमें पोर्न वेबसाइटों को एज वेरिफिकेशन (आयु निर्धारण) करना जरूरी हो जाएगा. भारतवासी उम्मीद कर सकते हैं कि केंद्र सरकार इस कानून से कुछ सबक लेकर भारत में भी ऐसा कुछ लागू कर दे.

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पोर्न वेबसाइटें लोगों की आयु का निर्धारण कैसे करेंगी इसका तरीका तो अभी तक साफ नहीं हो सका है लेकिन निजता के अधिकार के लिए संघर्ष करने वालों ने चेतावनी दी है कि अगर इसके लिए वेबसाइटों पर क्रेडिट कार्ड को रजिस्टर करवाना पड़ा तो खतरा हो जाएगा.

इस कानून को कड़ाई से लागू करने के लिए सरकार ने एक नई और अलग निगरानी संस्था के गठन की बात कही है. अगर पोर्न वेबसाइटें सहयोग नहीं करती हैं तो यह संस्था क्रेडिट कार्ड कंपनियों को आगाह करने करने में सक्षम होंगी.

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इस कानून के तहत अगर पोर्न वेबसाइटें बिना लोगों की आयु जांचे वयस्क सामग्री परोसती पाईं गईं तो उन पर 2 लाख 50 हजार पाउंड (करीब 2.19 करोड़ रुपये) का जुर्माना ठोक दिया जाएगा.

सरकार ने बीते कुछ वर्षों में पोर्न पर तमाम प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिन्हें तमाम लोगों द्वारा निजी स्वतंत्रता पर काबू करने वाला कदम बताया जा रहा है. लेकिन बच्चों की सहायता के लिए काम करने वाली संस्था एनएसपीसीसी ने ऑनलाइन वयस्क सामग्री पर सख्त नियंत्रण लगाने संबंधी इस पहल का समर्थन किया है.

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इस संस्था ने पाया कि आधे स्कूली बच्चों ने यह माना कि वे इंटरनेट पर यौन और हिंसात्मक सामग्री देखते हैं. इसके साथ ही यह स्कूली बच्चे इन पोर्न साइटों पर दिखने वाले व्यवहार जैसा करने की भी चाहत रखते हैं.  

ब्रिटेन के इस नए कानून में कठोर कॉपीराइट नियम भी होंगे. इसके अंतर्गत कॉपीराइट कानून के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर 10 वर्षों तक की कैद की भी सजा सुनाई जा सकती है.

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इस नए डिजिटल कानून में हाई स्पीड ब्रॉडबैंड का कानूनी अधिकार भी दिया जाएगा. ब्रॉडबैंड यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लीगेशन नियम के तहत व्यवसायों और व्यक्तियों के पास न्यूनतम 10 एमबीपीएस का इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए. 

इस कानून का लक्ष्य डिजिटल इकोनॉमी के क्षेत्र में ब्रिटेन को दुनिया का टॉप बनाना है.

First published: 7 July 2016, 18:15 IST
 
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