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चीन ने हासिल की एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2019, 12:13 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

चीन ने एशिया के आसपास स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नष्ट करने की क्षमता हासिल कर ली है. जानकारी के मुताबिक, चीन ऐसा अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स के आयुध डिपो में मौजूद पारंपरिक मिसाइलों के माध्यम से कर सकता है. बता दें कि एशिया में अमेरिका के ये सैन्य ठिकाने गुआम, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में स्थित हैं.

बताया जा रहा है कि चीन अभी ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है जिससे वह ताइवान को ले सके. जिसके लिए वह बल प्रयोग को भी तैयार है. यही नहीं चीनी सेना पीएलए भी इस प्रक्रिया में किसी भी अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को रोकना चाहती है. यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के यूनाइटिड स्टेट स्टडी सेंटर ने इस हफ्ते 102 पेज की एक रिपोर्ट जारी की. जिसका शीर्षक है 'एवरेटिंग क्राइसिस: अमेरिकन रणनीति, सैन्य खर्च और इंडो-पैसिफिक में सामूहिक रक्षा' है.

 

इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन का सशस्त्र बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों में भारी निवेश चीन के काउंटर हस्तक्षेप की कोशिशों का केंद्र बिन्दु हैइस रिपोर्ट में कहा गया है, "बीते 15 सालों में पीएलए ने बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम के रूप में मिसाइलों और लांचरों की अपनी सूची की श्रेणी में व्यवस्थित रूप से वृद्धि और विस्तार किया है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि ये दुनिया में किसी भी देश के मुकाबले सबसे अधिक सक्रिय और विविध बैलिस्टिक मिसाइल विकास कार्यक्रम है."

बता दें कि इससे पहले पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग का मुख्यालय) की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन अपनी सेना को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. चीन सैन्य उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए जासूसों का इस्तेमाल करके आधुनिक तकनीक की चोरी कर रहा है.

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पेंटागन की इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया था कि, "विदेशी सैन्य और दोहरे उपयोग वाली तकनीक को पाने के लिए चीन कई तरीकों का इस्तेमाल करता है. इसके लिए विदेशी निवेश, साइबर चोरी, खुफिया सेवाओं का इस्तेमाल, कंप्यूटर तकनीक और अन्य अवैध तरीके शामिल हैं."

First published: 20 August 2019, 12:11 IST
 
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