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एनएसजी सदस्यता: चीन का पाकिस्तान को खुला समर्थन, कहा- भारत जैसी मिले छूट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 June 2016, 14:57 IST
(पीटीआई)

चीन ने एक बार फिर भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में सदस्यता का विरोध किया है. चीन ने कहा है कि अगर एनएसजी में प्रवेश के लिए भारत को छूट दी जाती है, तो पाकिस्तान को भी वैसी ही सुविधा मिलनी चाहिए.

इसके साथ ही चीन ने पाक के खराब परमाणु रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि परमाणु प्रसार के लिए जिम्मेदार अब्दुल कादिर खान को पाक सरकार का समर्थन हासिल नहीं था.

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे एक लेख में कहा गया, "भारत जहां परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, वहीं वह पाकिस्तान को उसके खराब परमाणु प्रसार रिकॉर्ड के आधार पर रोकता है."

लेख में आगे लिखा गया है, "परमाणु प्रसार के लिए जिम्मेदार खान को कई साल तक घर में नजरबंद रखे जाने के बाद सरकार ने उन्हें दंडित किया था.

पाकिस्तान की ओर से जो परमाणु प्रसार किया गया, वह तो पाकिस्तान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान ने किया था और यह पाकिस्तानी सरकार की आधिकारिक नीति नहीं थी."

यदि परमाणु प्रसार संधि (एनपीटी) और एनएसजी भारत को छूट दे सकते हैं, तो यह छूट पाकिस्तान पर भी लागू होनी चाहिए.

यह पहली बार है, जब चीन की आधिकारिक मीडिया ने एनएसजी में पाकिस्तान को शामिल किए जाने का समर्थन सीधे तौर पर किया है. चीन आधिकारिक तौर पर यह कहता रहा है कि किसी देश को शामिल किए जाने को लेकर सर्वसम्मति होनी चाहिए.

यह लेख एक ऐसे समय पर आया है, जब एनएसजी की सियोल में बैठक शुरू होने में ज्यादा वक्त नहीं बचा है. हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत को इस समूह में शामिल किया जाना एजेंडे में शामिल नहीं है.

गौरतलब है कि इससे पहले भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि एनएसजी सदस्यता के मुद्दे पर हम चीन को मना लेंगे.

First published: 22 June 2016, 14:57 IST
 
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