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कार्बन उत्सर्जन की निगरानी के लिए चीन ने लॉन्च किया सैटेलाइट

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 December 2016, 15:32 IST
(सेटकनेक्शन डॉट कॉम)

चीन ने जलवायु परिवर्तन को समझने के लिए आज (22 दिसंबर) एक ग्लोबल कार्बन डाइ ऑक्साइड मानिटरिंग सैटेलाइट प्रक्षेपित किया है. इससे कुछ घंटे पहले ही चीन ने देश के लगभग 40 शहरों में फैले स्मॉग के कारण सप्ताह भर तक लगाए गए रेड अलर्ट को हटाने की घोषणा की.

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, टैनसैट नामक 620 किलोग्राम के सैटेलाइट को चीन के गोबी मरूस्थल स्थित जियुक्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से आज सुबह लॉन्ग मार्च-2डी रॉकेट की मदद से कक्षा में पहुंचाया गया. लॉन्ग मार्च श्रृंखला के रॉकेटों का यह 243वां अभियान था. यह रॉकेट, टैनसैट के अलावा कृषि एवं वन्य निरीक्षण के लिए उच्च विभेदन क्षमता वाले माइक्रो नैनो सेटेलाइट और दो स्पेक्ट्रम माइक्रो नैनो सेटेलाइट को भी ले गया है.

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के माइक्रो सेटेलाइट रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रमुख डिजाइनर यिन जेंगशान ने कहा कि जापान और अमेरिका के बाद चीन ऐसा तीसरा देश है, जो अपने सैटेलाइट की मदद से ग्रीनहाउस गैसों का निरीक्षण करेगा. सैटेलाइट को पृथ्वी से लगभग 700 किलोमीटर उपर एक सौर समकालिक कक्षा में भेजा गया और यह वायुमंडल में कार्बन डाइ ऑक्साइड की मात्रा, वितरण और प्रवाह का निरीक्षण करेगा.

यह सैटेलाइट जलवायु परिवर्तन को समझने में और चीन के नीति निर्माताओं को स्वतंत्र आंकड़े उपलब्ध करवाने में मदद करेगा. रिपोर्ट में कहा गया कि अपने तीन साल के अभियान के तहत टैनसैट हर 16 दिनों में कार्बन डाइ ऑक्साइड के (कम से कम चार पीपीएम तक) वैश्विक स्तरों का परीक्षण करेगा.

गौरतलब है कि वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सघनता औद्योगिकरण के पहले 280 पीपीएम की मात्रा के मुकाबले 2005 में बढ़ कर 379 पीपीएम हो गई है. वैज्ञानिकों का मानना है कि जोखिम को कम रखते हुए यह अधिकतम 450 पीपीएम तक हो सकता है और 550 पीपीएम बहुत अधिक जोखिम वाला हो जाएगा.

First published: 22 December 2016, 15:32 IST
 
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