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सज़ा-ए-मौत: एक तरफ़ चीन, दूसरी तरफ़ बाकी दुनिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 April 2017, 13:26 IST
(एमनेस्टी इंटरनेशनल)

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दुनिया भर में सज़ा-ए-मौत के मामलों पर एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में मौत की सजा के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि चीन सज़ा-ए-मौत मुकर्रर करने वाले देशों में सबसे ऊपर है. एक नज़र एमनेस्टी इंटरनेशनल की इस रिपोर्ट  के अहम तथ्यों पर:

  1. एमनेस्टी इंटरनेशनल की वैश्विक समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 के दौरान दुनियाभर में सज़ा-ए-मौत के मामलों में 37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
  2. चीन ने दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा मौत की सजा दी. बाकी देशों को मिलाकर फांसी के मामलों से ज्यादा चीन ने अकेले फांसी दी.
  3. सजा-ए-मौत से जुड़ी ज्यादातर जानकारी चीन में 'स्टेट सीक्रेट्स' (गोपनीय) रखी जाती हैं. अनुमान के मुताबिक चीन में हर साल हजार से भी ज्यादा लोगों को फांसी की सजा होती है.
  4. 2016 में दुनिया भर में तकरीबन 1,032 लोगों को फांसी की सजा दी गई. करीब 856 मामले मध्यपूर्वी और उत्तरी अफ्रीका के देशों में सामने आए.
  5. एक दशक में पहली बार अमेरिका फांसी देने के मामले में दुनिया के टॉप 5 देशों की लिस्ट से बाहर है. 2016 में अमेरिका ने करीब 20 लोगों को मौत की सजा दी. ज्यादातर को फांसी के बजाए जहरीला इंजेक्शन देकर मारा गया. 
  6. ईरान ने साल 2016 में तकरीबन 567 लोगों को मौत की सजा दी. वहीं सऊदी अरब ने 154 लोगों को सूली पर लटका दिया.
  7. मिस्र में 2015 में 22 लोगों को फांसी की सजा हुई थी. 2016 में यह संख्या 44 तक पहुंच गई.
  8. इराक में 88 से ज्यादा लोगों को सजा-ए-मौत हुई, जबकि पाकिस्तान में 87 से ज्यादा लोगों को फांसी की सजा हुई. पाकिस्तान में पिछले साल के मुकाबले 73 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई.
  9. सोमालिया में 28, सिंगापुर में 4, सूडान में 2, ताइवान में 1, जापान में 3, मलेशिया में 9, नाइजीरिया में 3 लोगों को फांसी की सजा हुई.
  10.  अफगानिस्तान में 6, बांग्लादेश में 10, बेलारूस में 4 और इंडोनेशिया में भी 4 लोगों को 2016 में सजा-ए-मौत हुई.
First published: 11 April 2017, 13:26 IST
 
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