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पाक आतंकी मसूद अजहर के लिए फिर खड़ा हुआ चीन, वीटो लगाकर बचाया

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2016, 11:53 IST
(एजेंसी)

कुख्यात आतंकी मसूद अजहर को यूएन से आतंकवादी घोषित करवाने के भारत के मंसूबे पर चीन ने एक बार फिर पानी फेर दिया है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर वीटो का प्रयोग करते हुए मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने पर अड़ंगा लगा दिया है.

चीन के इस कदम से भारत की ओर से पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकवादी घोषित करवाने के प्रयास पर उसकी ओर से लगाई गई तकनीकी रुकावट बढ़ गई है.

दरअसल, चीन की ओर से लगाई गई तकनीकी रोक की मियाद सोमवार को पूरी हो रही थी. अगर चीन ने आगे आपत्ति नहीं उठाई होती तो अजहर को आतंकवादी घोषित करने वाला प्रस्ताव खुद पारित हो गया होता. अब चीन की यह रोक अगले छह महीने के लिए फिर बढ़ गई है.

इस मामले में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, "भारत की ओर से मार्च, 2016 में 1267 समिति को सौंपे गए आवेदन पर तकनीकी रोक को पहले ही आगे बढ़ा दिया गया है. भारत के आवेदन पर अब भी मतभेद हैं. तकनीकी रोक के आगे बढ़ जाने के बाद समिति को इस मामले पर विचार करने के लिए और संबंधित पक्षों को आगे विचार-विमर्श के लिए समय मिल जाएगा."

इसी साल 31 मार्च को चीन ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड अजहर को आतंकवादी घोषित कराने के कदम पर रोक लगा दी थी. सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य होने की वजह से चीन को वीटो का अधिकार हासिल है.

सुरक्षा परिषद के 15 देशों में चीन इकलौता देश रहा, जिसने भारत के आवेदन का विरोध किया. 14 अन्य देशों ने भारत की कोशिश का समर्थन किया. 1267 समिति की सूची में अजहर का नाम शामिल हो जाने से उसकी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी और उसकी यात्रा पर भी रोक लग जाएगी.

गेंग ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के अनुसार अपना काम करती है."

उन्होंने कहा, "चीन हमेशा से यह मानता रहा है कि किसी मामले को सूचीबद्ध करने के लिए 1267 समिति को निष्पक्षता और पेशेवराना रवैये के मुख्य सिद्धातों पर खरा उतरना चाहिए. सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के बीच सहमति से फैसला करना चाहिए."

First published: 2 October 2016, 11:53 IST
 
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