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चीन का गरीबी उन्मूलन : शी ने पांच साल में 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला

सुनील रावत | Updated on: 12 February 2018, 16:49 IST

क्या भारत भी चीन की तरह गरीबी उन्मूलन की लड़ाई लड़ सकता है. यह सवाल इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन में प्रकाशित एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के चीन में गद्दी संभालने के बाद पिछले पांच सालों में चीन ने 68.53मिलियन (लगभग 6 करोड़) लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है.

यह रिपोर्ट चीन के राज्य परिषद कार्यालय द्वारा प्रकाशित की गयी है. रिपोर्ट के अनुसार यह यह कम से कम 13 मिलियन की वार्षिक कटौती के बराबर था. इसके अनुसार चीन की गरीबी दर 2012 में 10.2 प्रतिशत से घटकर 2017 में 3.1 प्रतिशत हो गई, जो अभी तक एक रिकॉर्ड है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन का उद्देश्य एक समृद्ध समाज के निर्माण करना और 2020 तक चीन को पूर्ण गरीबी मुक्त करना है. पिछले साल के अंत तक चीन में राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे 30 मिलियन चीनी रहते थे. चीन का कहना है कि पिछले तीन दशकों में गरीबी से नीचे रह रहे 600 मिलियन से ज्यादा हटा दिया गया है.

 

गौरतलब है कि अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे शी ने 2013 में गरीबी उन्मूलन के खिलाफ लड़ाई  शुरू की थी. चीनी  रिपोर्ट में कहा है कि वह 2018 में 10 लाख लोगों को गरीबी दूर कर देंगे. चीन में 2017 के अंत में राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 30.46 मिलियन ग्रामीण लोग थे.

 

भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ यूं लड़ी थी लड़ाई

चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ कम्युनिस्ट शासन के इतिहास में यह भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान था. सबसे पहले शी ने उच्च स्तर के अधिकारियों और स्थानीय सिविल सेवकों पर एक्शन लेने की कसम खाई. जाँच के बाद कई बड़े अधिकारियों को कार्यालयों से हटा दिया गया.

शी ने अपनी ही पार्टी के 13 लाख पदाधिकारियों, 120 सरकारी अफसरों और 200 मंत्री स्तर के लोगों सजा दी। इसके अलावा दर्जन भर उच्च रैंकिंग सैन्य अधिकारी, सरकारी कंपनियों के कई वरिष्ठ अधिकारियों और पांच राष्ट्रीय नेता इनमे शामिल हैं। 100,000 से अधिक लोगों को भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराया गया है.

First published: 12 February 2018, 16:46 IST
 
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