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चीन बना रहा है छटवीं पीढ़ी का फाइटर जेट, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका भी होड़ में

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 March 2019, 13:07 IST

एक प्रमुख चीनी फाइटर जेट विशेषज्ञ ने कहा कि चीन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की ओर वैश्विक दौड़ में पीछे नहीं रहेगा और 2035 तक अपने अगली पीढ़ी के फाइटर जेट तैयार कर लेगा. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चेंग्दू एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट के मुख्य वास्तुकार वांग हैफेंग ने कहा कि चीन की छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान 2035 तक अस्तित्व में आ जाएगा.

छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की कुछ नई विशेषताओं में एरोडायनामिक डिजाइन के माध्यम से ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमता है. इसमें नई तकनीकों, जैसे कि लेजर, अनुकूल इंजन, हाइपरसोनिक हथियार और झुंड युद्ध, भी नए विमान का हिस्सा हो सकते हैं, वांग ने कहा, यह देखते हुए कि चीन इनमें से कुछ विशेषताओं का चयन करेगा और दूसरों को जोड़ देगा जो चीन की जरूरतों के अनुसार सही होंगे.

 

फ्रांस और जर्मनी ने घोषणा की कि वे संयुक्त रूप से अगली पीढ़ी के लड़ाकू जेट प्रणाली का निर्माण करेंगे, जो 2040 तक चालू होने की उम्मीद है. बिजनेस स्टैंडर्ड ने शुक्रवार को बताया कि यूके ने जुलाई 2018 में टेम्पेस्ट नामक अपने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट डेवलपमेंट प्रोग्राम का अनावरण किया और भारत को अपने सह-विकास विमान कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा.

अमेरिका, रूस और जापान सहित अन्य देश भी छठी पीढ़ी के फाइटर जेट विकसित कर रहे हैं. विश्लेषकों ने कहा कि जनरेशन गैप का मतलब है कि छठी पीढ़ी के युद्धक जहाज आसानी से अमेरिका के एफ -22 और चीन के जे -20 समेत पांचवीं पीढ़ी के लोगों को पछाड़ देंगे.

हालांकि चीन ने अपने अगली पीढ़ी के फाइटर जेट पर आधिकारिक तौर पर एक योजना का खुलासा किया है, जो कि शायद ही किसी आश्चर्य के रूप में सामने आए. एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना द्वारा सितंबर में जारी एक बयान में कहा गया है कि चीन ने 6,620 टन, 17,000 क्यूबिक मीटर एफएल -62 की निरंतर ट्रांसोनिक विंड टनल का निर्माण किया है, जो चीन के भविष्य के फाइटर जेट को आकार देने में महत्वपूर्ण होगा.

 

First published: 7 March 2019, 12:59 IST
 
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