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भारत एंटी-सैटेलाइट मिसाइल पर चीन से आयी प्रतिक्रिया, कहा- अमेरिका ने अपनाया दोहरा मापदंड

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 March 2019, 22:32 IST

एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के सफल परीक्षण पर चीन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. चीन ने आरोप लगाया है कि भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का अमेरिका ने समर्थन किया है लेकिन जब चीन ने ऐसा परीक्षण किया था तब पश्चिमी देशों ने चीन की आलोचना की थी. चीन के अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा- भारतीय मीडिया कह रहा है कि यह सफलता चीन की अंतरिक्ष शक्ति का मुकाबला करने और पाकिस्तान को डराने में मदद कर सकती है''.

अख़बार ने लिखा ''चीन ने 2007 में एक एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण किया था, जिसकी अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने कड़ी आलोचना की थी, लेकिन भारत भारत ने ऐसा किया तो पश्चिम ने इसे चीन-भारत प्रतियोगिता के दृष्टिकोण से देखा''. लिखा गया है कि चीनी लोगों को अमेरिका और पश्चिमी देशों के चीन पर स्पष्ट दोहरे मानकों की आदत पड़ रही है. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि ''चीन 2007 में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी, जो स्पष्ट रूप से बढ़ रही थी.

आज का भारत तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन इसकी अर्थव्यवस्था चीन का केवल पांचवां हिस्सा है''. ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि ''भारत का विकास असमान है. इसका विनिर्माण और बुनियादी ढांचा अपेक्षाकृत कमजोर है और अमीर और गरीब के बीच बहुत बड़ा अंतर है''.

भारत चीन पर हमला करने से डरता है

अख़बार के मुतबिक ''कम से कम अगले कुछ दशकों में, भारत का सपना चीन की बराबरी करना है. चीन भारत की बढ़ती सैन्य ताकत के बारे में चिंतित नहीं है, क्योंकि उसने चीन को पार करने की प्रवृत्ति नहीं दिखाई है. भारत समझता है कि अगर वह चीन पर हमला करता है, तो बीजिंग का प्रतिशोध असहनीय होगा. चीनी मानते हैं कि भारत इस संबंध में तर्कसंगत है. इसी तरह भारत की सीमित ताकत चीन को रोक नहीं सकती है''.

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क्या कहा अमेरिका ने 

अमेरिका ने गुरुवार को भारत के एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के परीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि वाशिंगटन अंतरिक्ष में सुरक्षा के लिए भारत के साथ काम करना जारी रखेगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि उसने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण को नोट किया था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि नई दिल्ली द्वारा लॉन्च की गई मिसाइल ने 300 किलोमीटर की दूरी पर अंतरिक्ष में एक छोटे ऑर्बिट उपग्रह को नष्ट कर दिया.

बयान में कहा गया, "भारत के साथ हमारी मजबूत रणनीतिक साझेदारी के तहत, हम अंतरिक्ष सुरक्षा और सहयोग में वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग में साझा हितों को जारी रखेंगे." ब्रीफिंग में डिप्टी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता रॉबर्ट पल्लादिनो ने अलग से भारत को "भारत-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुख सुरक्षा साझेदार के रूप में वर्णित किया. बयान दोनों देशों के बीच संबंधों को दर्शाते हैं.

First published: 29 March 2019, 16:06 IST
 
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