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भारत-पाक तनाव के बीच चीन ने बढाया हथियारों का बजट, युद्धवाहक विमानों पर करेगा खर्च

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2019, 12:11 IST

चीन ने मंगलवार को 2019 में सैन्य खर्च में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की, जो पिछले साल की तुलना में कम है क्योंकि देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है. लेकिन अभी भी यह उसके एशियाई पड़ोसियों को परेशान करने काफी है. चीन अपने 20 लाख मजबूत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को अत्याधुनिक हार्डवेयर प्रदान करने के लिए काम कर रहा है. वह युद्धक विमानों, विमान वाहक और अन्य हथियारों पर भारी खर्च कर रहा है.

बीजिंग ने ताइवान पर हमले की चेतावनी पहले ही दे चुका है. नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की वार्षिक बैठक की शुरुआत में पेश की गई एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, चीन सरकार 2019 में रक्षा पर 1.19 ट्रिलियन युआन ($ 177.6 बिलियन) खर्च करेगी, 2018 में इसका परिव्यय 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.11 ट्रिलियन युआन हो जाएगा.

 

दुनिया की सबसे बड़ी सेना का दावा करने वाली चीन का सैन्य खर्च अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है. जिसने 2019 में रक्षा के लिए 716 बिलियन डॉलर का बजट रखा. बीजिंग ने 2015 के बाद से दोहरे अंकों के खर्च में वृद्धि नहीं की है. कम्युनिस्ट की अगुवाई वाली सरकार सशस्त्र बलों की राजनीतिक वफादारी सुनिश्चित करने के लिए और प्रयास करेगी.

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य शताब्दी तक पीएलए को एक विश्व स्तरीय सेना में बदलने की कसम खाई है, उन्होंने सेना को बार-बार युद्ध के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है. कम्युनिस्ट पार्टी ने अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में सशस्त्र बलों द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीक को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित किया है. चीन ने एक दूसरा विमानवाहक पोत बनाया है और वह नई पीढ़ी के विध्वंसक जहाजों का निर्माण भी कर रहा है.

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First published: 5 March 2019, 12:15 IST
 
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