Home » इंटरनेशनल » China will attack India and occupy forcefully Know the famous prediction of French futurist Nostradamus
 

'चीन भारत पर करेगा आक्रमण, बनाएगा ग़ुलाम'

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2017, 17:09 IST
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत और चीन के बीच सिक्किम सेक्टर में पिछले तीन हफ़्ते से तनाव है. जहां भूटान सीमा के पास चीन सड़क बनाने की तैयारी कर रहा है. चीन की तरफ से लगातार उकसावे वाले बयान आ रहे हैं. वहां के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अगर भारत की तरफ से विवाद का निपटारा सही तरीके से नहीं हुआ, तो जंग छिड़ सकती है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तो यहां तक कह दिया कि अगर जंग हुई तो भारत का 1962 से बुरा हाल होगा. लगातार भड़काऊ बयान से दोनों देशों के संबंध काफ़ी तनावपूर्ण दौर में हैं. एक और रिपोर्ट में कहा गया कि अगर भारत ने सेना नहीं हटाई तो उसे बलपूर्वक खदेड़ दिया जाएगा.

तो क्या ये माना जाए कि भारत और चीन के बीच जंग के आसार हैं. फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की एक भविष्यवाणी ऐसे अंदेशों को बल देती है. हालांकि उन्होंने कोडवर्ड में भविष्यवाणियां की हैं. उनके पूर्वानुमान के प्रमुख व्याख्‍याकार रेने नूरबरेज ने यह सिद्ध किया कि तृतीय विश्व युद्ध में कमजोर राजनीतिक नेतृत्व की वजह से भारत जंग का मैदान बन जाएगा. हालांकि ज्यादातर व्याख्याकार खुद के देश के संबंध में अच्‍छी ही भविष्यवाणियों का पक्ष लेते रहे हैं. जर्मनी ने सेकंड वर्ल्ड वॉर में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों को अपने फायये के लिए उपयोग किया था. बहरहाल नास्त्रेदमस की इस भविष्यवाणी को ज़रा समझते हैं:

"एक पनडुब्बी में तमाम हथियार और दस्तावेज लेकर वह व्यक्ति इटली के तट पहुंचेगा और युद्ध शुरू करेगा. उसका काफिला बहुत दूर से इटली के तट तक आएगा." (11-5)नास्त्रेदमस.

नास्त्रेदमस फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता थे. उनका जन्म 16वीं सदी की शुरुआत में छोटे से गांव में हुआ था. उन्होंने प्राकृतिक, राजनीतिक और धार्मिक घटनाओं के बारे में कई भविष्यवाणी की है. इनके सच होने के दावे भी किए जाते हैं. उनकी भविष्यवाणी कितनी सटीक होती है इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अपने मरने से पहले उन्होंने कहा था कि उनकी कब्र को चोर खोदेंगे और उन्हें कुछ नहीं मिलेगा. ये बात सच साबित हुई थी.

नास्त्रेदमस ने तृतीय विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी की हुई है. उन्होंने अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, रूस, और भारत में महान राजनेताओं के उदय और उनके कामकाज को लेकर अनुमान लगाए हैं. तृतीय विश्व युद्ध को लेकर व्याख्याकारों में एक राय नहीं है.

उनकी ज़्यादातर भविष्यवाणियों की व्याख्या करने वाले नूरबरजेन के मुताबिक तृतीय विश्वयुद्ध के दौरान दक्षिण-पश्चिम एशिया में जब पश्चिमी देशों (अमेरिका-रूस) की संयुक्त सेना अभियान शुरू करेगी, तो मिडिल ईस्ट के सैनिक उपनिवेशों के पास गंगा नदी के मुहाने पर और खाड़ी के आस-पास जंग होगी. ऐसा संभव है कि भारत की सीमा में घुसपैठ के बाद सैनिक गंगा नदी के मुहाने तक पहुंच जाएं.

तृतीय विश्व युद्ध के बारे में नास्त्रेदमस लिखते हैं, "अनीश्वरवादी और ईश्वरवादियों के बीच संघर्ष होगा."(6-62). यहां खास बात ये है कि चीन का धर्म और वहां की सरकार अनीश्वरवादी है. वहां अभी कम्युनिस्ट शासन है. जबकि भारत में दक्षिणपंथी मानी जाने वाली पार्टी भाजपा की सरकार है. चीन द्वारा पाकिस्तान और नेपाल से घनिष्ठता बढ़ाना कहीं न कहीं भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है.

भारत में जंग से जुड़ी उनकी भविष्यवाणी की व्याख्या है, "एक सेनापति उत्सुकतावश पीछे भागती दुश्मन सेना की फौज का पीछा करेगा. वह उसके बचाव चक्र को भेदता हुआ आखिर में उन्हें रोक देगा. वे पैदल भागेंगे, लेकिन ज्यादा दूर नहीं होगा वह. आखिरी युद्ध गंगा के किनारे होगा."

गौर करने वाली बात ये है कि गंगेज नाम से फ्रांस में भी एक कस्बा है, लेकिन 'किनारे' शब्द का इस्तेमाल किसी नदी के लिए ही होता है. लिहाजा कई व्याख्याकार इसे भारत के बारे में लिखी गई भविष्यवाणी मानते हैं. मसलन इस भविष्यवाणी से लगता है कि भारत गुलाम भी बन सकता है. "भारत, फ्रांस, जॉर्डन आजाद कराएं जाएंगे. निर्दयी शक्तियों का सुदूर पूर्व में विनाश होगा. गंगा, जॉर्डन, फ्रांस और स्पेन को हड़पने वाला साम्राज्य खत्म हो जाएगा. समुद्र में खून और लाशें तैरती दिखेंगी."

First published: 6 July 2017, 17:09 IST
 
अगली कहानी