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चीन बोला, 'अच्छा भाई और जिगरी दोस्त' पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने वाला मुल्क है

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 September 2017, 20:04 IST

पाकिस्तान में मौजूद आंतकवादी संगठनों की निंदा में ब्रिक्स सदस्यों का साथ देने के बाद चीन शुक्रवार को अपने पुराने दोस्त की मान-मनुहार करता नजर आया. चीन ने कहा कि 'अच्छे भाई व दमदार दोस्त' पाकिस्तान ने आतंकवाद का मुकाबला करने में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है.

अपने पाकिस्तानी समकक्ष ख्वाजा आसिफ से मुलाकात के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, "चीन से बेहतर पाकिस्तान को कोई नहीं समझ सकता."

संवाददाता सम्मेलन में आसिफ के साथ मौजूद वांग यी ने कहा, "जब आतंकवाद से मुकाबले का मुद्दा आता है तो हम मानते हैं कि पाकिस्तान ने स्पष्ट तौर पर बिल्कुल ईमानदारी से अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है. इसकी तुलना में कुछ देशों को पाकिस्तान को वह श्रेय देने की जरूरत है, जिसका वह हकदार है."

चीन ने आसिफ को शियामेन में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आधिकारिक दौरे का निमंत्रण दिया था. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल पांच सदस्य देशों ने अपने संयुक्त घोषणा पत्र में पाकिस्तान स्थित भारत विरोधी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद को नामित किया था.

इस कदम को भारत की जीत के तौर पर देखा गया, जिससे कुछ चीनी जानकारों ने चिंता जताई कि इससे चीन व पाकिस्तान के संबंधों में तनाव आ सकता है. अंतर्राष्ट्रीय प्रेस को संबोधित करते हुए वांग ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक मुद्दा है और इससे निपटने के लिए सभी देशों के संयुक्त प्रयास की जरूरत है.

वांग ने कहा, "एक दूसरे को दोषी ठहराने के बजाय देशों को एक दूसरे के साथ काम करने की जरूरत है." उन्होंने कहा, "पाकिस्तान, चीन का एक अच्छा भाई व जिगरी दोस्त है. कोई भी पाकिस्तान को चीन से बेहतर नहीं समझ सकता है. सालों से पाकिस्तान आतंकवाद से पीड़ित रहा है और इससे भी महत्वपूर्ण बात है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग में एक महत्वपूर्ण भागीदार है."

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की सरकार व लोगों ने बड़े प्रयास किए हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कुर्बानियां दी हैं और इस तरह के प्रयास व कुर्बानियों को सभी को देखना चाहिए. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इसे मान्यता देनी चाहिए."

गौरतलब है कि आतंकवादियों को पनाह देने के आरोपों पर चीन ने हमेशा पाकिस्तान का बचाव किया है. चीन ने पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर निवेश किया है. वह पाकिस्तान में 50 अरब डॉलर का आर्थिक गलियारा बना रहा है. यह चीन के महत्वाकांक्षी वन बेल्ट व रोड परियोजना का हिस्सा है.

First published: 8 September 2017, 20:04 IST
 
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