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भारत-अमेरिका में टकराव, ट्रम्प ने WTO में भारत के निर्यात पर उठाये ये सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2018, 12:45 IST

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत-अमेरिकी व्यापार संबंधों में जबरदस्त बदलाव आया लेकिन अब इसमें टकराव आता दिखाई दे रहा है. अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ में भारत की निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं को चुनौती दी है. अमेरिका का कहना है कि भारत निर्यात सब्सिडी का दुरुपयोग कर रहा है.

अमेरिका ने यह शिकायत इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क योजना और विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) जैसी योजनाओं को लेकर की है. हालांकि भारत ने अमेरिका के इस आरोप से लड़ने का फैसला किया है.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लाइटहाइजर का कहना है कि इस तरह की निर्यात सब्सिडी से भारतीय कारोबारियों को अपने सामान सस्ते दाम पर बेचने में मदद मिलती है जिससे अमेरिका के कारोबारियों पर बुरा असर पड़ता है. यूएसटीआर ने कहा, "ये सब्सिडी भारतीय निर्यातकों को लाभ देती है जो अमेरिकी श्रमिकों और निर्माताओं के नुकसान के लिए जिम्मेदार है."

आंकड़ों के मुताबिक हर साल इन नीतियों से भारतीय निर्यातकों को 7 अरब डॉलर का लाभ होता है. यूएसटीआर का यह भी आरोप है कि भारत ने इन सब्सिडी को हटाने के बजाए इन प्रोग्राम को और ज्यादा बढ़ावा दिया है.

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यूएसटीआर का का कहना है कि भारत ने 2015 के मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम शुरू की थी जिसमें 8,000 से ज्यादा सामानों को शामिल किया गया है जिनकी संख्या इसके शुरू होने के समय इसकी आधी थी. जबकि साल 2000 से 2017 के बीच स्पेशल इकनॉमिक जोन से होने वाला एक्सपोर्ट 6,000 पर्सेंट बढ़ गया है.

First published: 16 March 2018, 12:45 IST
 
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