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कोरोना वायरस: हांगकांग ने इस दवाई के प्रयोग से चार दिन में ठीक किए 84 कोविड-19 संक्रमित मरीज

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2020, 14:11 IST

Corona Virus Medicine: कोरोना वायरस (Coronavirus) से जूझ रहे दुनियाभर (worldwide) के देश इसकी वैक्सीन (Vaccine) और दवाई (Medicine) की खोज करने में लगे हैं. लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है. इसी बीच हांगकांग (Hong Kong) से एक अच्छी खबर आई है. जो कोरोना वायरस (Corona Virus) की दवाई के संबंध हैं. हांगकांग भी कोविड-19 (COVID-19) की वैक्सीन बनाने नें जुटा है. इसी बीच यहां कुछ ऐसे परिणाम निकलकर सामने आए हैं जिनसे कोरोना को हराने की राह दिखाई दे रही है. इसी बीच हांगकांग यूनिवर्सिटी (Hongh Kong University) ने दावा किया है जिससे आप चौक सकते हैं.

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हांकगांक के डॉक्टर्स को एक कामयाबी मिली है. यहां के डॉक्टर्स दावा है कि उन्होंने तीन दवाईयों के मिश्रण से कुछ मरीजों को तेजी से ठीक कर लिया है. इस दवा से ठीक हुए मरीजों और इसकी बाकी रिपोर्ट को प्रकाशित भी किया गया है. हांगकांग ने दावा किया है कि हांगकांग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने छह अस्पतालों में भर्ती 127 कोरोना संक्रमितों पर दवाई का ट्रायल किया है. जिसमें से कुछ मरीजों को सामान्य दवाई दी गई तो किसी को मिश्रण वाली दवाई की खुराक दी गई है.


यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि उसके रिसर्चर्स ने 127 में से 86 मरीजों को तीन मिश्रण वाली दवाई खिलाई थी और बारी 41 मरीजों को एक अन्य दवा का मिश्रण दिया गया था. यूनिवर्सिटी ने दावा किया है कि जिन मरीजों को तीन दवाओं का मिश्रण दिया गया वो 7 दिन में ठीक हो गए और उनका कोरोना टेस्ट सात दिन बाद नकारात्मक आया यानी उनमें कोरोना नहीं पाया गया. उसके बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया.

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यूनिवर्सिटी का कहना है कि तीन दवाओं का मिश्रण उन मरीजों को दिया गया जो गंभीर बीमार नहीं थे, इतना ही नहीं, हांगकांग यूनिवर्सिटी का दावा है कि जिन मरीजों को ये दवाई दी गई है उनमें काफी तेजी से सुधार भी देखा गया है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया. बताया जा रहा है कि जिन दवाईयों के मिश्रण की बात कही जा रही है उनमें तीन एंटीवायरल दवाएं हैं. ऐसी दवाई खाने वाले जल्द स्वस्थ हो गए.

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वहीं जिस मिश्रण में तीन दवाईयां शामिल की गई उनमें पहली एंटीवायरल दवाई लोपिनाविर-रिटोनाविर है. वहीं दूसरी दवा रिबाविरिन, ये हेपेटाइटिस-सी के इलाज में काम आती है. इसके अलावा तीसरी दवाई है इंजेक्शन है, इसका नाम है इंटरफेरॉन बीटा-1बी है. बता दें कि ये दवा शरीर में दर्द, सूजन और वायरस के फैलाव को रोकती है.

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अब दूसरे ग्रुप वाले मरीजों की बात करें तो जो 41 कोरोना पीड़ित मरीज थे, उन्हें सिर्फ सामान्य दवाओं के साथ लोपिनाविर-रिटोनाविर दिया गया था. हालांकि, लोपिनाविर-रिटोनाविर को कुछ डॉक्टरों ने उपयोग करना बंद कर दिया है. क्योंकि ये दवा गंभीर रोगियों के इलाज में कारगर नहीं है. दावा ये है कि तीन दवा के मिश्रण ने कोविड-19 के लक्षणों को भी 8 दिन से घटाकर 4 दिन में ठीक कर दिया.

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First published: 11 May 2020, 14:11 IST
 
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