Home » इंटरनेशनल » Corona Virus: Miss England Bhasha Mukherjee resumes as a doctor to fight against COVID-19
 

कोरोना से जंग के लिए डॉक्टरी के पेशे में लौटी मिस इंग्लैंड, भारत से है खास नाता

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2020, 12:11 IST

Miss England Bhasha Mukherjee: कोरोना वायरस (Corona Virus) से जंग लड़ने के लिए अब मिस इंग्लैंड (Miss England) भी मैदान में उतर आईं. मिस इंग्लैंड भाषा मुखर्जी (Bhasha Mukherjee) कोरोना पीड़ितों का इलाज करते हुए नजर आएंगी. साल 2019 में मिस इंग्लैंड चुनी गई भाषा मुखर्जी पहले पेशे से एक व्यावसायिक डॉक्टर (Professional Doctor) थी. लेकिन पूरी दुनिया में फैले कोरोना के कहर के बीच उन्होंने दोबारा से अपने पुराने पेशे डॉक्टरी में लौटने का फैसला लिया है. अब भाषा मुखर्जी इस साल अगस्त तक कोरोना पीड़ितों (Corona Victims) का इलाज करती रहेंगी. वहीं अगर जरूरत पड़ी तो वे अपनी सेवाओं को आगे भी बढ़ सकती हैं.

मिस इंग्लैंड भाषा मुखर्जी से पहले पहले आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वरडकर (PM Leo Varadkar) भी अपने पुराने पेशे डॉक्टरी में लौट आए हैं. वह भी प्रोफेशनल डॉक्टर रह चुके हैं और वह भारतीय मूल के हैं. भाषा मुखर्जी भी भारतीय मूल की है और 24 साल की है. मिस इंग्लैंड बनने से पहले वह जूनियर डॉक्टर के पद पर तैनात हुआ करती थीं. उन्होंने दिसंबर 2019 में मिस इंग्लैंड बनने के बाद इस पेशे को अलविदा कह दिया था. भाषा मुखर्जी बोस्टन के पिलिग्रिम हॉस्पिटल में काम करती थीं. जब उन्होंने अपने पुराने साथी डॉक्टरों से बात की तो इस बीमारी के बढ़ते मरीजों के बारे में पता चला.


भाषा मुखर्जी का कहना है कि उन्हें लग रहा था कि मानवता के कार्यों के लिए ही उन्हें मिस इंग्लैंड का ताज मिला है. जब दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी से जूझ रही है तो ऐसे हालात में अलग कैसे रह सकती हूं. मेरे लिए इससे अच्छा समय नहीं सकता कि जरूरत के वक्त देश की मदद करूं. बता दें कि मॉडलिंग के दौरान भी भाषा अभी तक चैरिटी के काम में जुड़ी थीं. इसी सिलसिले में वे मार्च में भारत दौरे पर भी आई थीं. इस दौरान उन्होंने कोलकाता में सड़कों पर घूमने वाले बच्चों के लिए चंदा भी जुटाया था.

भारतीय मूल की मिस इंग्लैंड भाषा मुखर्जी का जन्म कोलकाता में हुआ था. जब वह नौ साल की थीं तो अपने परिवार के साथ वह इग्लैंड में जाकर बस गईं. यहां रहकर उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की थी. भाषा मुखर्जी के पास मेडिकल साइंस में और मेडिसिन एंड सर्जरी में दो डिग्रियां हैं. इसके अलावा उनकी पांच अलग-अलग भाषाओं में अच्छी पकड़ भी है.

कोरोना से लड़ाई लड़ने के लिए खुद मैदान में उतरा इस देश का प्रधानमंत्री, कोविड-19 पीड़ितों का करेंगे इलाज

कोरोना वायरस: दुनियाभर में 82 हजार से ज्यादा मौत, भारत में पीड़ितों की संख्या पांच हजार के पार

जर्मनी ने दी कोरोना वायरस का मात! काफी कम लोग गंवा रहे इस वायरस से जान

First published: 8 April 2020, 12:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी