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Coronavirus: फाइजर की कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाने के बाद नॉर्वे में हुई 23 लोगों की मौत- रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 January 2021, 21:43 IST

अमेरिकी की दवा निर्माता कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन एक बार फिर विवादों में आ गई है. खबरों की मानें तो नार्वे में इस वैक्सीन को लगाने के बाद 23 लोगों की मौत हो गई है. दावा है कि इन लोगों की मौत वैक्सीन के साइड इफेक्ट से हुई है. खबरों के अनुसार, जिन लोगों को मौत हुई है वो बुजुर्ग थे.

अनादोलू न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी के अनुसार, फाइजर की वैक्सीन देने के बाद कम से कम 23 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से 13 लोगों की मौत वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण हुई है. खबरों के अनुसार, जिन 13 लोगों की मौत साइड इफेक्ट से हुई हैं, उन सभी लोगों की उम्र 80 साल से अधिक थी. न्यूज एजेंसी की मानें तो फाइजर की वैक्सीन के बाद इन लोगों ने बुखार और बेचैनी की शिकायत की थी.


नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी के मेडिकल डायरेक्‍टर स्‍टेइनार मैडसेन ने NRK को बताया,"इनमें से 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि नौ लोगों में गंभीर और सात लोगों में कम गंभीर साइड इफेक्‍ट पाए गए हैं."

बता दें, यूरोपियन मेडिसिन्स एजेंसी (ईएमए) द्वारा फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के ठीक बाद ही नॉर्वे ने पिछले महीने अपने यहां टीकाकरण अभियान की शुरूआत की थी. नॉर्वे में लगभग 33,000 लोगों को फाइजर की कोरोना वैक्सीन की एक खुराक दी जा चुकी है.

नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी का मानना है कि कम से कम 23 लोगों की मौत फाइजर की वैक्सीन के साइड इफेक्ट से हुई है. हालांकि, अभी तक सिर्फ 13 लोगों मरीजों की जांच के बाद ही इस बात की पुष्टी हुई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों की मौत हुई है वो नर्सिंग होम में रहते थे और काफी कमजोर थे.

स्‍टेइनार मैडसेन ने कहा,"ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ मरीजों को वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार और बेचैनी जैसे साइड इफेक्ट हुए जिसकी वजह से वो गंभीर रूप से बीमार हो गए और उनकी मौत हो गई."

एसोशिएट प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्‍टेइनार मैडसेन ने कहा,"हम इससे चिंतित नहीं हैं. ये स्पष्ट है कि कुछ कमजोर और बीमार लोगों को छोड़ कर इन वैक्सीन का रिस्क बहुत कम है." मैडसेन ने कहा,"इस तरह के मामले बहुत कम आए हैं और अब तक दिल संबंधी बीमारी, डिमेन्शिया, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और कई अन्‍य बीमारी वाले हजारों लोगों को बिना किसी गंभीर साइड इफेक्ट ये वैक्सीन लगाई जा चुकी है."

मैडसेन ने आगे कहा,"डॉक्टरों को अब सावधानीपूर्वक विचार करना चाहिए कि किसको टीका लगाया जाना चाहिए. जो लोग बहुत कमजोर होते हैं और जीवन के अंत में उन्हें व्यक्तिगत मूल्यांकन के बाद टीका लगाया जा सकता है."

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First published: 15 January 2021, 21:43 IST
 
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