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Coronavirus: 10 लाख आबादी वाले रोहिंग्या शिविर में घुसा कोरोना तो जंगल की आग की तरह फैलेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2020, 13:22 IST

Coronavirus : विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में भीड़ और तंग शिविरों में रहने वाले 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं. उनका कहना है कि 2017 में ये शरणार्थी यहां आये थे. अन्य देशों में जहां जनता को दो मीटर (छह फीट) दूर रहने को कहा जा रहा है, यहां लगभग 600,000 रोहिंग्या बड़ी बुरी हालत में हैं. प्रत्येक झोंपड़ी बमुश्किल 10 वर्ग मीटर (12 वर्ग गज) है और वे 12 लोग एक साथ रहते हैं.

एक कार्यकर्ता ने कहा "ये लोग इतने पास पास रहते हैं कि अपने अगले दरवाजे वाले पड़ोसी की सांस की आवाज तक सुन सकते हैं." शिविरों में सोशल डिस्टेंसिंग लगभग असंभव है. बांग्लादेश में अब तक 50 कोरोना वायरस मामलों का पता चला है.  दुनियाभर में लोगों को जहां मास्क और सेनिटाइजर का इस्तमाल करने के लिए कहा जा रहा है, इसके पार ऐसा कोई साधन नहीं है. 

कोरोना वायरस का नहीं पता 

रोहिंग्या कोरोना वायरस के बारे में बमुश्किल जानते हैं क्योंकि सरकार ने शरणार्थियों पर शिकंजा कसने के उपायों के तहत पिछले साल के आखिर से उनकी इंटरनेट तक पहुंच को बंद कर दिया था. अधिकारियों ने कहा कि हालांकि आशंका बढ़ गई है, क्योंकि पिछले हफ्ते भारत से लौटे चार रोहिंग्या परिवार संयुक्त राष्ट्र के एक ट्रांजिट सेंटर में परीक्षण के लिए गए थे.

कॉक्स बाजार में एक बांग्लादेशी महिला का भी पॉजिटिव परीक्षण किया गया. रोहिंग्या समुदाय के नेता मोहम्मद जुबेर ने कहा "हम बेहद चिंतित हैं. यदि वायरस यहां तक पहुंचता है, तो यह जंगल की आग की तरह फैल जाएगा." उन्होंने कहा "बहुत से सहायता और स्थानीय सामुदायिक कार्यकर्ता लोग हर दिन शिविरों में प्रवेश करते हैं. शिविर निवासी 50 वर्षीय हकीम ने कहा ''हमें साबुन मिला है और हमारे हाथ धोने के लिए कहा गया है''.

अमेरिका में मौत का आंकड़ा 1000 के पार  

चीन, इटली और स्पेन के बाद अब अमेरिका में भी कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 1000 पर कर गई है. अमेरिका में कुल 69,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है. अमेरिकी सीनेट ने श्रमिकों, व्यवसायों और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की सहायता के लिए 2 ट्रिलियन डॉलर की व्यवस्था की है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कोरोनोवायरस महामारी से निपटने में गरीब देशों की मदद करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सहायता के रूप में में 2 बिलियन डॉलर के लिए अपील की है.

जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय द्वारा एकत्र आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 472,000 से अधिक लोगों का COVID-19 का डाइग्नोसिस किया गया है. 114,000 से अधिक लोग अबतक इस वायरस की चंगुल से बाहर आये हैं. जबकि 21,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.

 

स्पेन में एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें

स्पेन ने 24 घंटों में 700 से अधिक कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गए हैं. यह इटली के बाद अब दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है. दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसे कोरोना वायरस से होने वाले मौतों की लहर का डर सत्ता रहा है. ईरान ने अपने देश में सभी तरह ट्रैवेल बैन कर दिया है.

अलजजीरा के अनुसार कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए ईरान के राष्ट्रीय मुख्यालय के एक सदस्य होसेन ज़ोल्फ़ागारी ने कहा "जो लोग नए ईरानी साल की छुट्टियों के घर से निकले हैं वो शहरों में बिना रुके तुरंत अपने घर लौट जाएं''.  उन्होंने कहा, "विश्वविद्यालयों और स्कूलों के साथ-साथ समारोहों पर बैन लगा दिया गया है."

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First published: 26 March 2020, 13:12 IST
 
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