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कोरोना वायरस संकट द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती : UN

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 April 2020, 11:33 IST

Coronavirus epidemic: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का कहना है कि कोरोना वायरस (coronavirus) महामारी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. गुटेरेस ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए पूरी दुनिया को बड़ी प्रतिक्रिया की जरूरत है क्योंकि यह संकट दुनियाभर में एक बड़ी मंदी लाएगा.

व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के एक अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल ग्लोबल इनकम में खरबों डॉलर का नुकसान होगा. कहा गया है कि भारत और चीन को छोड़ दें तो सभी विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं को बड़ी मंदी का सामना करना पड़ेगा.


स्वास्थ्य संकट से ज्यादा मानवीय संकट

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने मंगलवार को महामारी के सामाजिक आर्थिक प्रभाव पर एक रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि यह दुनिया में अस्थिरता, अशांति और संघर्ष को भी बढ़ाएगा." रिपोर्ट में कहा गया है "हम संयुक्त राष्ट्र के 75 साल के इतिहास में किसी भी वैश्विक स्वास्थ्य संकट से बड़ी मुश्किल का सामना कर रहे हैं. यह संकट हजारों लोगों की जान ले रहा है, लोगों में दुःख-डर फैला रहा है''. संयुक्त राष्ट्र ने इसे स्वास्थ्य संकट से अधिक मानवीय संकट बताया है.

कई देश नहीं कर रहे UN दिशानिर्देशों का पालन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने मीडिया से कहा इस संकट के खिलाफ बड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी तो मुश्किल में पड़ सकते हैं. गुटेरेस ने कहा कि कई देश डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, इसके बजाय महामारी से निपटने के लिए अपने स्वयं के तरीकों का उपयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा "यह आवश्यक है कि विकसित देश अपनी स्वास्थ्य प्रणालियों और ट्रांसमिशन को रोकने के लिए कम विकसित देशों की तुरंत सहायता करें."

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि जबकि 20 देशों के समूह ने महामारी से लड़ने के लिए 5 ट्रिलियन जुटाए हैं, इसका ज्यादातर उपयोग विकसित देशों द्वारा अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बचाने के लिए किया जा रहा है. गुटेरेस ने कहा कि महामारी से लड़ने के लिए अफ्रीकी देशों की सहायता करने के फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के विचार का समर्थन करते हैं लेकिन यह कार्रवाई जल्दी होनी चाहिए.

रिपोर्ट में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के 2020 के अनुमानों का भी हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार कि 50 लाख से 2.5 करोड़ नौकरियों के जाने की संभावना है. बुधवार सुबह तक जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के एक अनुमान के अनुसार, 8,58,000 से अधिक लोग वैश्विक रूप से COVID -19 से संक्रमित हो चुके हैं और 42,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. 1,69,000 से अधिक लोग बीमारी से उबर चुके हैं.

कोरोना वायरस से दुनियाभर में 42 हजार से ज्यादा मौतें, भारत में 1,300 से अधिक लोग संक्रमित

First published: 1 April 2020, 11:11 IST
 
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